उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से हो रही रुक रुककर बारिश के बाद अब मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है. गुरुवार से अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश की संभावना कम रहेगी. बीच-बीच में बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. हालांकि धूप और नमी के कारण उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है. मौसम विभाग का अनुमान है कि चार अगस्त के बाद फिर से बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं.
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से तीन अगस्त तक प्रदेश में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन व्यापक और तेज बारिश के आसार फिलहाल नहीं हैं. राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अगले कुछ दिनों में तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी संभव है.
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक गुरुवार से शनिवार तक लगभग 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवाई चल सकती है. सहारनपुर, बिजनौर और तराई के कुछ जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने के आसार हैं. वहीं दक्षिणी जिलों, मध्य प्रदेश से सटे इलाकों और कुछ अन्य क्षेत्रों में कहीं कहीं हल्की बारिश देखने को मिल सकती है.
बारिश की गतिविधियां कम होने और बीच बीच में धूप निकलने से वातावरण में नमी बनी रहेगी. यही वजह है कि लोगों को उमस का अधिक सामना करना पड़ सकता है. मौसम विभाग ने फिलहाल किसी भी जिले के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की है. ऐसे में गर्मी और चिपचिपाहट अगले कुछ दिनों तक बनी रहने की संभावना है.
बुधवार को कानपुर में सबसे अधिक 81 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. मेरठ में 80.8 मिलीमीटर, बिजनौर में 72 मिलीमीटर और मुजफ्फरनगर में 68.3 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई. मौसम विभाग का कहना है कि मानसून ट्रफ तीन से चार अगस्त के आसपास उत्तर की ओर खिसक सकती है. इसके बाद प्रदेश में एक बार फिर अच्छी और व्यापक बारिश होने की संभावना है.