नई दिल्ली: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी पूज्य गुरुजनों और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर साझा संदेश में गुरु के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि गुरु ही अज्ञान के अंधकार को समाप्त कर ज्ञान, संस्कार और सदाचार का दिव्य प्रकाश जीवन में स्थापित करते हैं. उन्होंने गुरु को समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार बताया.
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि माना गया है. उनके अनुसार, गुरु की निस्वार्थ कृपा से ही शिष्य को धर्म, विवेक और राष्ट्र आराधना की सच्ची प्रेरणा प्राप्त होती है. उन्होंने सभी गुरुजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके योगदान को मानवता और संस्कारवान समाज के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में सभी गुरुजनों को गुरु पूर्णिमा की अनंत बधाई और शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि गुरु जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं. उनके ज्ञान और आशीर्वाद से व्यक्ति अपने जीवन में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को बेहतर ढंग से निभाता है.
अज्ञान के तिमिर को मिटाकर ज्ञान, संस्कार व सदाचार के दिव्य प्रकाश से जीवन को आलोकित करने वाले समस्त पूज्य गुरुजनों को 'गुरु पूर्णिमा' की अनंत बधाई एवं शुभकामनाएं।
सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है, उनकी अहैतुकी कृपा से ही शिष्य को धर्म, विवेक और 'राष्ट्र आराधना' की… pic.twitter.com/aIKqiPc8lI— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 29, 2026Also Read
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मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु अज्ञान के तिमिर को समाप्त कर ज्ञान, संस्कार और सदाचार का प्रकाश फैलाते हैं. उनके मार्गदर्शन से व्यक्ति के व्यक्तित्व का विकास होता है और वह जीवन के हर क्षेत्र में बेहतर सोच के साथ आगे बढ़ता है. उन्होंने गुरु के योगदान को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताया.
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है. उन्होंने कहा कि गुरु की अहैतुकी कृपा से ही शिष्य को धर्म का सही मार्ग, विवेकपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा प्राप्त होती है. यही परंपरा भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे समाज और राष्ट्र के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उनके मार्गदर्शन से ऐसे नागरिक तैयार होते हैं जो नैतिक मूल्यों, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ समाज की प्रगति में योगदान देते हैं.
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश के अंत में मानवता का मार्गदर्शन करने वाले सभी पूज्य गुरुजनों को कोटिशः नमन किया. उन्होंने कहा कि गुरु ही संस्कारवान और श्रेष्ठ समाज की नींव रखते हैं. गुरु पूर्णिमा का पर्व उनके प्रति सम्मान, कृतज्ञता और समर्पण व्यक्त करने का सर्वोत्तम अवसर है.