भारतीय रेलवे में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है. रेलवे बोर्ड ने मेडिकल विभाग की विभिन्न पैरामेडिकल श्रेणियों में 600 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी है. ये भर्ती देशभर के रेलवे अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से की जाएगी. सबसे ज्यादा पद नर्सिंग सुपरिटेंडेंट के लिए निर्धारित किए गए हैं. इस फैसले से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के साथ रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे.
रेलवे बोर्ड ने 22 जुलाई 2026 को जारी आदेश में बताया कि जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट से प्राप्त रिक्तियों की समीक्षा के बाद भर्ती को मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही सभी संबंधित जोनों और इकाइयों को भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं.
इस भर्ती अभियान में नर्सिंग सुपरिटेंडेंट के 372, फार्मासिस्ट के 120, हेल्थ एंड मलेरिया इंस्पेक्टर के 43, लैब असिस्टेंट ग्रेड सेकेंड के 31 और रेडियोग्राफर के 25 पद शामिल हैं. इसके अलावा डायलिसिस टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट तथा ऑडियोलॉजिस्ट एंड स्पीच थेरेपिस्ट के पदों पर भी नियुक्तियां होंगी.
ललित नारायण मिश्र केंद्रीय रेलवे अस्पताल गोरखपुर में भी कई पैरामेडिकल पद लंबे समय से खाली हैं. अस्पताल प्रशासन के अनुसार नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, लैब असिस्टेंट, फार्मासिस्ट और हेल्थ एंड मलेरिया इंस्पेक्टर के रिक्त पदों के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही थीं. नई भर्ती से इस कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकेगा.
अस्पतालों में पर्याप्त पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध होने से मरीजों के इलाज और देखभाल की गुणवत्ता बेहतर होगी. भर्ती पूरी होने के बाद विभिन्न विभागों में कार्य का दबाव कम होगा और रोगियों को समय पर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी. इससे रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा.
रेलवे कर्मचारी संगठनों ने बोर्ड के इस निर्णय का स्वागत किया है. उनका कहना है कि लंबे समय से पैरामेडिकल कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया जा रहा था. अब भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से अस्पतालों में कार्य व्यवस्था मजबूत होगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा.