नई दिल्ली: इंग्लैंड की टेस्ट टीम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड अब अनुभवी बल्लेबाज जो रूट पर दोबारा भरोसा जताने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के अनुसार रूट पाकिस्तान के खिलाफ 19 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में कप्तानी करते नजर आ सकते हैं. उनके अनुभव और शानदार फॉर्म को देखते हुए बोर्ड उन्हें लंबे समय तक यह जिम्मेदारी सौंपने पर विचार कर रहा है.
बेन स्टोक्स के संन्यास के बाद इंग्लैंड को नए टेस्ट कप्तान की तलाश थी. अब सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक ECB ने जो रूट को फिर से यह जिम्मेदारी देने का फैसला किया है. माना जा रहा है कि पाकिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में रूट कप्तान होंगे. साथ ही उनके 2027 एशेज तक इस भूमिका में बने रहने की भी संभावना जताई जा रही है.
बेन स्टोक्स ने मुख्य कोच ब्रेंडन मैक्कुलम के साथ मिलकर इंग्लैंड की टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक सोच विकसित की. 'बैजबॉल' रणनीति के तहत टीम ने तेज और सकारात्मक क्रिकेट खेलते हुए कई मजबूत विरोधियों को हराया. न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ मिली जीत ने इंग्लैंड को नई पहचान दिलाई. स्टोक्स के जाने के बाद अब टीम नए नेतृत्व की ओर बढ़ रही है.
जो रूट 2017 से 2022 तक इंग्लैंड की टेस्ट टीम के कप्तान रह चुके हैं. इस दौरान उन्होंने 64 टेस्ट मैचों में टीम की अगुवाई की और 27 मुकाबलों में जीत दिलाई. हालांकि ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज दौरे पर मिली निराशाजनक हार के बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ दी थी. अब एक बार फिर उनके अनुभव पर भरोसा जताया जा रहा है.
पिछले चार वर्षों में जो रूट इंग्लैंड की बल्लेबाजी के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी रहे हैं. उन्होंने लगातार रन बनाते हुए कई रिकॉर्ड अपने नाम किए. रूट ने एलिस्टेयर कुक को पीछे छोड़ते हुए इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. उनकी निरंतरता ने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है.
अगर रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं तो पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज जो रूट के दूसरे कप्तानी कार्यकाल की शुरुआत होगी. इंग्लैंड टीम उनसे बेहतर नेतृत्व और स्थिर प्रदर्शन की उम्मीद करेगी. अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के संतुलन के साथ रूट के सामने टीम को नई सफलताओं तक पहुंचाने की चुनौती होगी. क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें अब ECB की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं.