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रायबरेली पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 43 पुलिसकर्मियों के तबादले

रायबरेली में पुलिस अधीक्षक ने देर रात बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए 43 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया. यातायात प्रभारी सहित कई उप निरीक्षकों को लाइन हाजिर किया गया जबकि अन्य अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
रायबरेली पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 43 पुलिसकर्मियों के तबादले
Courtesy: social media

रायबरेली पुलिस विभाग में सोमवार देर रात व्यापक स्तर पर तबादले किए गए. पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया. इस कार्रवाई में उप निरीक्षकों, मुख्य आरक्षियों और आरक्षियों समेत कुल 43 पुलिसकर्मी शामिल हैं.

कई अधिकारियों को किया गया लाइन हाजिर

पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में यातायात प्रभारी विनय कुमार तिवारी समेत कई अधिकारियों को लाइन हाजिर किया गया है. इनमें गदागंज के एसएसआई मोहम्मद मुकरिम, मुंशीगंज चौकी प्रभारी अनुज कुमार, गेगासो चौकी प्रभारी अरविंद कुमार, किला बाजार चौकी प्रभारी विशाल कुमार, महराजगंज में तैनात दिनेश गोस्वामी और बछरावां के अशरफ अली शामिल हैं. सूची चौकी प्रभारी स्वदेश कुमार को भी गैर जनपद तबादले के चलते लाइन भेजा गया है. इस कदम को विभागीय व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

कार्यक्षेत्रों में भी किया गया व्यापक बदलाव

तबादला सूची में केवल लाइन हाजिर करने की कार्रवाई ही नहीं हुई बल्कि कई पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र भी बदले गए हैं. पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न थानों में तैनात 18 उप निरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं. इसके अलावा दो मुख्य आरक्षियों और पांच आरक्षियों के कार्यक्षेत्र में भी परिवर्तन किया गया है. पुलिस विभाग का मानना है कि इस बदलाव से कानून व्यवस्था को और प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी.

मुंशीगंज चौकी प्रभारी पर लगे थे गंभीर आरोप

मुंशीगंज चौकी प्रभारी अनुज कुमार का नाम हाल ही में एक विवाद के कारण चर्चा में आया था. उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने एक युवक को गांजा तस्करी के मामले में गलत तरीके से जेल भेजा और उससे धन लेने की भी शिकायत सामने आई थी. इस मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह को सौंपी गई थी. जांच प्रक्रिया जारी रहने के बीच उन्हें लाइन हाजिर करने का फैसला लिया गया है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, मामले की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई भी तय की जा सकती है.