उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना तेजी से आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू की गई इस योजना के तहत शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी. योजना में शामिल होने के लिए e-KYC प्रक्रिया अनिवार्य है, जिसे बड़ी संख्या में लाभार्थी तेजी से पूरा कर रहे हैं.
सरकार के अनुसार, 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग में योजना लागू होने के बाद केवल चार दिनों के भीतर 38,011 पात्र लाभार्थियों में से 17,734 लोगों ने e-KYC पूरी कर ली. यह कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है. सरकार का कहना है कि यह योजना के प्रति बढ़ते विश्वास और तेज क्रियान्वयन का संकेत है.
8 जुलाई को वाराणसी से योजना की शुरुआत बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए की गई थी. इसके बाद महज 22 दिनों में लगभग 42 प्रतिशत पात्र शिक्षक और कर्मचारियों की e-KYC पूरी हो गई. बेसिक शिक्षा विभाग में 11.03 लाख पात्र लाभार्थियों में से 4.57 लाख से अधिक लोगों ने प्रक्रिया पूरी कर ली है. वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1.47 लाख पात्र लाभार्थियों में से 65,754 का पंजीकरण पूरा हो चुका है.
प्रदेश के तीनों शिक्षा विभागों में कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित इस योजना के दायरे में आते हैं. इनमें से अब तक 5,40,878 लाभार्थी e-KYC पूरी कर योजना से जुड़ चुके हैं. e-KYC पूरी होने के बाद लाभार्थियों को सरकार द्वारा सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना नकद भुगतान के इलाज की सुविधा मिलेगी.
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी संचालन के लिए शासन स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है. सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि हर पात्र शिक्षक और कर्मचारी की e-KYC समयबद्ध तरीके से पूरी कराई जाए. सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लाभार्थियों को जल्द से जल्द कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सके.