ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया. उनकी इस उपलब्धि से पूरे देश में खुशी की लहर है. अस्मिता की जीत को भारतीय जूडो के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है. उन्होंने कठिन मुकाबलों में शानदार खेल दिखाकर भारत को गोल्ड दिलाया और अपने नाम एक नया इतिहास दर्ज किया.
अस्मिता डे के होने वाले पति और जूडो खिलाड़ी विजय यादव ने बताया कि दोनों लंबे समय से एक साथ अभ्यास कर रहे थे. विजय ने कहा कि अस्मिता का लक्ष्य शुरू से ही स्वर्ण पदक जीतना था और वह रोजाना चार से पांच घंटे तक कड़ी मेहनत करती थीं. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों ने पहले ही कोर्ट मैरिज कर ली है, लेकिन इस बारे में अभी तक उनके परिवारों को जानकारी नहीं दी गई है. आने वाले समय में दोनों पारिवारिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह करेंगे.
विजय यादव वाराणसी के सुलेमापुर गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में लखनऊ में तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं. वहीं, अस्मिता डे उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (SI) के रूप में गाजियाबाद में तैनात हैं. दोनों खेल के दौरान एक-दूसरे के करीब आए और अब जीवनसाथी बनने की तैयारी कर रहे हैं.
यूपी एडवेंचर स्पोर्ट्स क्लब के चेयरमैन डॉ. ए.के. सिंह और क्षेत्रीय खेल अधिकारी नवीन कुमार सिंह ने अस्मिता डे की जीत पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि जब अस्मिता वाराणसी आएंगी तो उनका भव्य स्वागत किया जाएगा. खेल जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी उपलब्धि प्रदेश और देश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी.
अस्मिता डे की सफलता इस बात का उदाहरण है कि लगातार मेहनत, अनुशासन और मजबूत इरादों से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. उनकी उपलब्धि ने जूडो जैसे खेल को भी नई पहचान दी है. अब देशभर के खेल प्रेमियों की नजरें उनकी वापसी और सम्मान समारोह पर टिकी हैं, जहां उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया जाएगा.