उत्तर प्रदेश सरकार ने घुमंतू और विमुक्त समुदायों के उत्थान के लिए बड़ा फैसला लेते हुए घुमंतू विकास बोर्ड का गठन किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लंबे समय तक उपेक्षित रहे इन समाजों को अब सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा और उनके सम्मान के साथ विकास सुनिश्चित किया जाएगा.
उत्तर प्रदेश सरकार ने घुमंतू और विमुक्त समुदायों के लिए अलग विकास बोर्ड बनाकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में नया कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस फैसले के बाद समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की. इस दौरान सपेरा समाज के लोगों ने पारंपरिक बीन बजाकर उनका स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक ये समाज बुनियादी सुविधाओं से दूर रहे लेकिन अब सरकार उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार जैसी योजनाओं से जोड़ने के लिए काम कर रही है. उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य हर जरूरतमंद परिवार तक विकास पहुंचाना है.
'सबका साथ-सबका विकास' मंत्र आज समाज के प्रत्येक तबके के उत्थान का कारण बना है। उत्थान की इस यात्रा का आधार है- 'घुमंतू विकास बोर्ड'।
घुमंतू विकास बोर्ड के गठन के लिए लखनऊ में आज विमुक्त एवं घुमंतू समाज द्वारा आभार ज्ञापन हेतु आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ।
विमुक्त एवं… pic.twitter.com/2i1XUvP8O6— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 6, 2026Also Read
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अंग्रेजों ने 1871 में क्रिमिनल ट्राइब एक्ट लागू कर कई देशभक्त समुदायों को अपराधी घोषित कर दिया था. उन्होंने बताया कि आजादी के बाद बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इस कानून को खत्म कर इन समुदायों को सम्मान दिलाया लेकिन बाद की सरकारों ने इनके विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन समाजों को सम्मान देने का काम किया है. उन्होंने कहा कि सरकार के लिए जनता केवल वोट नहीं, बल्कि सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है.
घुमंतू विकास बोर्ड के माध्यम से विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा ताकि उनकी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंच सकें. सरकार का लक्ष्य राशन कार्ड, आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, बिजली, गैस कनेक्शन और पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचाना है. समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने कहा कि अब यह समाज धीरे-धीरे स्थायी जीवन की ओर बढ़ रहा है. कार्यक्रम में मौजूद कई प्रतिनिधियों ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया. उन्होंने कहा कि दशकों बाद पहली बार उन्हें सरकारी स्तर पर पहचान और विकास की नई उम्मीद मिली है.