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India Daily

'UP स्कूलों में यूट्यूबर्स की नो एंट्री', बिना परमिशन स्कूल पहुंचने वालों पर होगा सख्त एक्शन

सीजेपी के 'स्कूल ठीक करो' अभियान को लेकर विवाद बढ़ गया है. बलरामपुर में बेसिक शिक्षा विभाग ने बिना अनुमति सरकारी स्कूलों में प्रवेश, फोटो और वीडियो बनाने पर रोक लगा दी है.

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Edited By: Shanu Sharma
'UP स्कूलों में यूट्यूबर्स की नो एंट्री', बिना परमिशन स्कूल पहुंचने वालों पर होगा सख्त एक्शन
Courtesy: AI

कॉकरोच जनता पार्टी के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए शुरू किए गए 'स्कूल ठीक करो' अभियान को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है. अभियान के तहत स्कूलों का सामाजिक सर्वे कराने की पहल के बीच बलरामपुर के बेसिक शिक्षा विभाग ने बिना अनुमति विद्यालयों में प्रवेश करने वाले बाहरी लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं. 

ऑल इंडिया नेशनल पेंशन सिस्टम कर्मचारी संघ ने भी प्रस्तावित सर्वे और आडिट का विरोध किया है. बलरामपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी शिक्षकों को पत्र भेजकर बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं. 

अधिकारी की अनुमति के बिना विद्यालय में नो एंट्री

भेजे गए पत्र में किसी संगठन का नाम लिए बिना कहा गया है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और हित को देखते हुए किसी भी बाहरी व्यक्ति या यू-ट्यूब से जुड़े व्यक्ति को सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना विद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाए. विभाग ने ऐसे लोगों को स्कूल में फोटो और वीडियो बनाने की अनुमति देने से भी मना किया है. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से पढ़ाई प्रभावित हो सकती है और शिक्षक पद की गरिमा के साथ विभाग की छवि पर भी असर पड़ सकता है.

बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों के निरीक्षण और निगरानी के लिए जिला और ब्लाक स्तर पर अधिकारी पहले से नियुक्त हैं. यही अधिकारी समय-समय पर स्कूलों की व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लेते हैं. निरीक्षण के लिए आने वाले अधिकारियों की जानकारी आगंतुक पंजिका में दर्ज कराने के भी निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा विद्यालय संचालन के समय और उसके बाद मुख्य द्वार बंद रखने को कहा गया है, ताकि बिना अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश रोका जा सके.

15 अगस्त से शुरू हुआ था अभियान

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 15 अगस्त को ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के उद्देश्य से 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत सामाजिक सर्वे शुरू किया था. इस पहल में अभिभावकों और आम नागरिकों को स्कूलों में जाकर बुनियादी सुविधाओं की स्थिति देखने और उसका आकलन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था. ऑल इंडिया नेशनल पेंशन सिस्टम कर्मचारी संघ ने अभियान के तहत सरकारी स्कूलों के प्रस्तावित आडिट का विरोध किया है.

संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता अंकुर त्रिपाठी ने मंगलवार को बताया कि संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र भेजकर पूरे मामले की तथ्यात्मक और कानूनी जांच कराने की मांग की है. संघ का कहना है कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना किसी संगठन या बाहरी व्यक्ति द्वारा स्कूलों का सर्वे या आडिट करना उचित नहीं है. इससे शिक्षकों और कर्मचारियों में भय की स्थिति बन सकती है और भविष्य में प्रशासनिक तथा कानूनी विवाद भी पैदा हो सकते हैं.