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लखनऊ के मेले में फेरिस व्हील का केबिन गिरा, पांच घायल; दो की हालत गंभीर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार रात सावन महोत्सव के दौरान बड़ा हादसा हो गया. फेरिस व्हील का एक केबिन टूटकर नीचे गिरने से तीन भाई-बहनों समेत पांच लोग घायल हो गए. इनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है.

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Edited By: Shanu Sharma
लखनऊ के मेले में फेरिस व्हील का केबिन गिरा, पांच घायल; दो की हालत गंभीर
Courtesy: AI

लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात इंदिरा नगर सावन महोत्सव के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब मेले में लगी फेरिस व्हील का एक केबिन अचानक टूटकर जमीन पर जा गिरा. हादसे के वक्त राइड में लोग सवार थे. केबिन के गिरते ही वहां मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई और भगदड़ जैसा माहौल बन गया.

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में कुल पांच लोग घायल हुए हैं. घायलों में तीन भाई-बहन भी शामिल हैं. दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायलों की मदद की और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया.

दो घायलों की हालत गंभीर

हादसे में घायल सभी पांच लोगों को इलाज के लिए शहर के सुषमा अस्पताल ले जाया गया. इनमें से दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है. अस्पताल में घायलों का उपचार जारी है. हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई. फेरिस व्हील का केबिन किस वजह से टूटा, इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है. हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए राइड की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा सकती है.

घटना से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें हादसे के बाद मेले में लोगों के बीच अफरातफरी का माहौल दिखाई दे रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुर्घटना होने के बावजूद राइड को तत्काल बंद नहीं किया गया. लोगों ने मेले में लगी मनोरंजन राइड की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

फेरिस व्हील जैसे मनोरंजन साधनों में मामूली तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. ऐसे में मेले में राइड शुरू करने से पहले उसकी तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है. लखनऊ की इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि राइड के संचालन से पहले सुरक्षा जांच कितनी गंभीरता से की गई थी. फिलहाल पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है और हादसे की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि केबिन टूटने के पीछे तकनीकी खराबी थी या सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही हुई.