यूपी: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में अब खेती का नया इतिहास लिखा जाने वाला है. आजमगढ़ की धरती पर दुनिया का सबसे महंगा मियाजाकी आम उगाने की तैयारी शुरू हो चुकी है. कृषि विज्ञान केंद्र लैदौरा में इस खास आम का मदर प्लांट तैयार किया जा रहा है जिससे आगे चलकर किसानों को इसके पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे.
मियाजाकी आम अपनी खास रंगत और मिठास के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत दो लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है, जबकि यहां के बाजारों में भी यह आम 70 हजार से लेकर दो लाख रुपये प्रति किलो तक बिकता है. ऐसे में इसकी खेती किसानों के लिए बड़ी कमाई का जरिया बन सकती है.
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, मदर प्लांट से तैयार कलम के जरिए पौधे तीन से पांच साल में फल देने लगते हैं, जिससे किसानों को जल्दी फायदा मिल सकता है. वहीं, बीज से लगाए गए पौधों में फल आने में काफी लंबा समय लगता है. सोनभद्र जिले में भी इस आम की शुरुआत हो चुकी है, जहां एक किसान ने अपने बाग में मियाजाकी का पौधा लगाया है. इस आम की पहचान इसका गहरा लाल और हल्का हरा रंग है, जो इसे अन्य आमों से अलग बनाता है. स्वाद में यह बेहद मीठा और खुशबूदार होता है.
विशेषज्ञों ने बताया कि इस आम के पौधे लगाने का सही समय जुलाई से सितंबर के बीच होता है. फिलहाल इसके पौधे कुछ चुनिंदा नर्सरी में ही उपलब्ध हैं, लेकिन आने वाले समय में इसकी उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है. अगर यह प्रयोग सफल होता है तो आजमगढ़ और आसपास के जिले देश ही नहीं बल्कि दुनिया में अपनी नई पहचान बना सकते हैं. इससे किसानों की आय में बड़ा इजाफा हो सकता है और खेती के क्षेत्र में एक नई दिशा मिल सकती है.