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जिसका किया अंतिम संस्कार, वो महिला 28 महीने बाद जिंदा लौटी; परिवार और पुलिस दोनों रह गए हैरान

लखनऊ के बीकेटी इलाके में 28 वर्षीय शिवानी करीब 28 महीने बाद अचानक अपने मायके लौट आई. परिवार ने पहले नाले में मिले एक अज्ञात महिला के शव की पहचान शिवानी के रूप में कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
जिसका किया अंतिम संस्कार, वो महिला 28 महीने बाद जिंदा लौटी; परिवार और पुलिस दोनों रह गए हैरान
Courtesy: @askshivanisahu X Account

लखनऊ: लखनऊ में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और परिवार दोनों को हैरान कर दिया है. जिस महिला को परिवार ने मृत समझकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था, वह करीब 28 महीने बाद अचानक जिंदा अपने मायके पहुंच गई. महिला की पहचान 28 वर्षीय शिवानी के रूप में हुई है. वह 5 सितंबर को बीकेटी तहसील के नवीकोट नंदना गांव स्थित अपने मायके पहुंची, जिसके बाद परिवार के लोगों के होश उड़ गए.

करीब डेढ़ साल पहले आईआईएम रोड के पीछे एक नाले में अज्ञात महिला का शव मिला था. पुलिस ने शव की जानकारी शिवानी के मायकेवालों को दी थी. मेडिकल कॉलेज में परिवार ने हाथ में बंधे कलावे और अंगूठी के आधार पर शव की पहचान शिवानी के रूप में की थी. इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में भैंसाकुंड में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था.

ससुरालवालों के खिलाफ एक्शन

शिवानी के परिवार ने इसके बाद उसके ससुरालवालों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था. अब शिवानी के अचानक जिंदा लौटने के बाद पूरा मामला उलझ गया है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि नाले में मिला शव आखिर किस महिला का था.

प्रेमी के साथ पारा में रहने का दावा

पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि शिवानी पारा इलाके में जावेद नाम के युवक के साथ रह रही थी. बताया जा रहा है कि जावेद नगर निगम के शौचालय की देखरेख करता है. शिवानी के अनुसार उसकी मुलाकात जावेद से पारा में हुई थी. उसने बताया कि जावेद ने कई बार उसे घर लौटने के लिए कहा, लेकिन वह वापस नहीं गई.

पुलिस अब शिवानी से यह जानने की कोशिश कर रही है कि वह इतने लंबे समय तक कहां रही और परिवार से संपर्क क्यों नहीं किया. पुलिस सोमवार को उसके बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी.

प्लाट की मांग का लगाया गया था आरोप

परिवार के मुताबिक शिवानी की शादी 22 अप्रैल 2020 को आनंद सिंह से हुई थी. आनंद मूल रूप से सीतापुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं और बीकेटी के भीखापुर में रहते थे. आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद शिवानी से प्लाट की मांग की जाने लगी थी.

परिवार के अनुसार दादी की मौत के बाद शिवानी मायके आई थी और उसने अपनी मां को कथित मांग के बारे में जानकारी दी थी. इसके बाद वह ससुराल वापस नहीं गई. 2 मई 2024 की सुबह वह ससुराल से आधार कार्ड लाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी.

पिता सर्वेश सिंह ने उसकी तलाश शुरू की. ससुरालवालों ने भी उसके बारे में जानकारी होने से इनकार किया, जिसके बाद बीकेटी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई.

DNA जांच ने पहले ही खोल दिया था राज

एसीपी बीकेटी विकास पांडेय के अनुसार, नाले से मिले महिला के शव का DNA टेस्ट कराया गया था. जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ था कि शव शिवानी का नहीं था. इसी वजह से ससुराल पक्ष के किसी व्यक्ति को जेल नहीं भेजा गया था. हालांकि मामले में अपहरण की धारा के तहत जांच जारी थी.