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'2017 से पहले सूखी ब्रेड मिलती थी, अब 50 किलो राहत'... बाढ़ को लेकर सीएम योगी ने पिछली सरकार पर बोला हमला

चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर राहत कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने 800 परिवारों को राहत सामग्री बांटी और हर प्रभावित परिवार को सरकारी मदद का भरोसा दिलाया.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
Anuj Kumar
Reported By: Anuj Kumar
'2017 से पहले सूखी ब्रेड मिलती थी, अब 50 किलो राहत'... बाढ़ को लेकर सीएम योगी ने पिछली सरकार पर बोला हमला
Courtesy: ANI

मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को चित्रकूट पहुंचे. उन्होंने हवाई सर्वेक्षण के जरिए प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और 800 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि अब बाढ़ पीड़ितों को पहले से कहीं अधिक राहत दी जा रही है.

पुरानी सरकारों पर योगी का हमला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में बाढ़ राहत कार्यक्रम के दौरान पिछली सरकारों को निशाने पर लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले बाढ़ जैसी आपदा आने पर तत्कालीन सरकारें गंभीरता नहीं दिखाती थीं. योगी ने दावा किया कि काफी दबाव बनने के बाद प्रभावित लोगों को केवल सूखी ब्रेड जैसी मामूली राहत दी जाती थी. उन्होंने कहा कि पहले जहां बाढ़ पीड़ितों को एक किलो राहत सामग्री तक नहीं मिलती थी, वहीं मौजूदा व्यवस्था में करीब 50 किलो सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है.

800 परिवारों को मिली राहत सामग्री

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद रामघाट और आसपास के क्षेत्रों का भी जायजा लिया. इसके बाद आयोजित कार्यक्रम में 800 प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री बांटी गई. जिन परिवारों के घर बाढ़ में पूरी तरह प्रभावित हुए हैं, उन्हें आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाणपत्र और आपदा मोचक निधि से राहत राशि भी दी गई. मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं. बच्चों से भी उन्होंने मुलाकात की और उन्हें चॉकलेट देकर हालचाल पूछा.

एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की आठ कंपनियां उतरीं

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि जिस समय चित्रकूट में अचानक बाढ़ की जानकारी मिली, उस वक्त वह बलिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर थे. सूचना मिलते ही उन्होंने अधिकारियों को अतिरिक्त बचाव दल भेजने के निर्देश दिए. उनके मुताबिक, कुछ ही घंटों में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पीएसी की फ्लड यूनिट की कुल आठ कंपनियां राहत एवं बचाव अभियान में जुट गईं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए थे.

हर प्रभावित परिवार को मदद का भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, व्यापारियों और साधु-संतों समेत जिन लोगों को नुकसान हुआ है, सरकार उनकी मदद करेगी. उन्होंने कहा कि घर पूरी तरह नष्ट होने पर पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नया घर दिया जाएगा. पात्रता पूरी नहीं होने की स्थिति में मुख्यमंत्री आवास योजना के जरिए आवास और जमीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी. योगी ने नदी के कैचमेंट क्षेत्र में अनियोजित निर्माण को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही. उन्होंने कहा कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह के रास्ते में अतिक्रमण और निर्माण भविष्य में ऐसी आपदाओं को और गंभीर बना सकते हैं.