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आधा एकड़ से 80 लाख का कारोबार! मोगा की मनदीप कौर ने खेती में ऐसा क्या किया कि बदल गई पूरी जिंदगी?

मोगा की मनदीप कौर ने महज आधा एकड़ जमीन से खेती की शुरुआत की और धीरे-धीरे 40 एकड़ जमीन ठेके पर लेकर खेती का दायरा बढ़ाया. आज उनका परिवार खेती से करीब 75 से 80 लाख रुपये का सालाना कारोबार करता है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
आधा एकड़ से 80 लाख का कारोबार! मोगा की मनदीप कौर ने खेती में ऐसा क्या किया कि बदल गई पूरी जिंदगी?
Courtesy: social media

पंजाब के मोगा जिले की मनदीप कौर ने साबित किया है कि खेती में सफलता सिर्फ बड़ी जमीन से नहीं, बल्कि सोच और मेहनत से भी मिल सकती है. कभी परिवार के पास केवल आधा एकड़ जमीन थी, लेकिन मनदीप ने चुनौतियों और तानों की परवाह किए बिना खेती में नए प्रयोग किए और कारोबार को नई ऊंचाई तक पहुंचाया.

आधा एकड़ से शुरू हुआ सफर

तलवंडी मालिया गांव की 40 वर्षीय मनदीप कौर किसान परिवार से आती हैं और 12वीं तक पढ़ी हैं. शादी के बाद जब वह ससुराल पहुंचीं, तब परिवार के पास केवल आधा एकड़ जमीन थी. इसी जमीन से घर का गुजारा चलता था. उनके पति जगदीप सिंह अतिरिक्त आमदनी के लिए रेती ढोने का काम करते थे.

मनदीप के मन में खेती को बड़े स्तर पर करने का विचार आया. दोनों ने ठेके पर जमीन लेने का फैसला किया, लेकिन शुरुआत आसान नहीं थी. कम जमीन वाले किसान पर भरोसा करने में दूसरे लोग हिचकते थे. धीरे-धीरे चार बीघा और फिर आठ बीघा जमीन मिली और बढ़ती सफलता के साथ भरोसा भी बढ़ता गया.

तानों की परवाह नहीं, खुद खेत में उतरीं

जमीन बढ़ाने के साथ मनदीप ने खुद खेती की जिम्मेदारी संभाल ली. करीब दो दशक पहले एक महिला का खेतों में उतरना गांव के कई लोगों को असामान्य लगता था. उन्हें हौसला देने वालों से ज्यादा आलोचना करने वाले मिले, लेकिन मनदीप ने किसी की बात को अपने रास्ते की रुकावट नहीं बनने दिया.

लगातार मेहनत और प्रयोगों के दम पर आज उनके पास करीब 40 एकड़ जमीन ठेके पर है, जबकि कुछ जमीन उनकी अपनी भी है. उनके पास तीन ट्रैक्टर, सात ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और कई कृषि उपकरण हैं. खेती से जुड़े कामों के अलावा उपकरण किराए पर देने और पशुपालन से भी परिवार की आमदनी होती है.

गेहूं-धान के साथ सब्जियों ने बदली तस्वीर

मनदीप ने खेती में पारंपरिक फसल चक्र से अलग रास्ता अपनाया. पंजाब में जहां किसान मुख्य रूप से गेहूं और धान पर निर्भर रहते हैं, वहीं उन्होंने सब्जियों को भी खेती का हिस्सा बनाया. उनका मानना है कि सब्जियां कम समय में तैयार होकर नकदी देती हैं. सर्दियों में आलू, मूली, गाजर, फूलगोभी और चुकंदर जैसी फसलें उगाई जाती हैं, जिन्हें मंडी में बेच दिया जाता है. खरीफ के मौसम में मक्का, मूंग और कम अवधि वाली धान की किस्में ली जाती हैं. उनका कहना है कि खेती में आमदनी बढ़ाने के लिए फसल का चुनाव और समय के अनुसार बदलाव बेहद जरूरी है.

सालाना कारोबार 80 लाख तक पहुंचा

आज मनदीप कौर का परिवार करीब 40 एकड़ ठेके की खेती संभाल रहा है. हर साल लगभग 28 लाख रुपये जमीन के किराए में और करीब 24 लाख रुपये खेती से जुड़े दूसरे खर्चों में जाते हैं. इसके बावजूद परिवार का कृषि कारोबार करीब 75 से 80 लाख रुपये सालाना तक पहुंच गया है और लगभग 30 लाख रुपये तक मुनाफा बचता है.

खेती की कमाई से परिवार ने पक्का मकान बनाया है और पशुओं तथा कृषि उपकरणों के लिए अलग शेड तैयार किए हैं. पति जगदीप सिंह भी मानते हैं कि इस बदलाव में मनदीप की सबसे बड़ी भूमिका है. उनका अगला सपना अपनी जमीन का रकबा बढ़ाना है.