menu-icon
India Daily
share--v1

Lok Sabha Elections 2024: PM मोदी आज बनारस से फूंकेंगे चुनावी बिगुल, दो दिन में साधेंगे पूर्वांचल की 27 सीटें

Lok Sabha Elections 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र बनारस से लोकसभा चुनाव 2024 के लिए यूपी में चुनावी बिगुल फूंकेंगे. पीएम दो दिनों में बनारस और आजमगढ़ से पूर्वांचल की 27 सीटों को साधने की कोशिश करेंगे.

auth-image
Pankaj Soni
 Lok Sabha Elections 2024, up news, pm Modi, election campaignm,Banaras,लोकसभा चुनाव 2024, यूपी समाच

Lok Sabha Elections 2024 : लोकसभा चुनाव 2024 के लिए वाराणसी से उम्मीदवार बनने के बाद तीसरी बार पीएम में आज काशी- विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में आएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रोड शो के जरिए अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से चुनावी बिगुल फूंकेंगे.

बनारस में पीएम में अब तक का सबसे बड़ा 28 किलों मीटर लंबा रोड़ शो करेंगे. यह रोड शो बाबतपुर से बरेका तक होगा. इस समय जनता मोदी पर पुष्पवर्षा करेगी. इस रोड शो के दौरान पीएम मोदी का 16 जगहों पर स्वागत किया जाएगा. 

15 मार्च के बाद लग सकती है आचार संहिता

देश में 15 मार्च के बाद किसी भी दिन आचार संहिता लग सकती है और लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है. आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पीएम मोदी एक बार फिर वाराणसी से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार घोषित किए गए हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि वह वाराणसी से तीसरी बार बीजेपी प्रत्याशी घोषित होने के बाद बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए विश्वनाथ मंदिर भी जाएंगे.

आजमगढ़ से 10 एयरपोर्ट का लोकार्पण

पीएम मोदी 10 मार्च को सपा के गढ़ आजमगढ़ से मंदुरी समेत दस नए एयरपोर्ट का लोकार्पण करेंगे.  पीएम महाराजा सुहेलदेव चिकित्‍सा महाविद्यालय का शुभारंभ भी करेंगे. पीएम की आजमगढ़ रैली का असर आसपास की लोकसभा सीटों सहित पूरे पूर्वांचल में दिखेगा.

आजमगढ़ लोकसभा सीट से मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव सांसद रह चुके हैं. भाजपा 2019 में यह सीट बीजेपी नहीं जीत पाई थी. बाद में अखिलेश यादव ने करहल से विधायक बनने के बाद यह सीट छोड़ दी थी. इसके बाद उपचुनाव में भाजपा ने इस सीट को सपा से छीन लिया था. भाजपा इस सीट को बरकरार रखने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती है.

पूर्वांचल की 27 लोकसभा सीटों को साधेंगे पीएम मोदी   

पीएम मोदी आज बनारस से पूर्वांचल को विकास परियोजनाओं को सौगात देने के साथ ही चुनावी विगुल फूंकेंगे. पूर्वांचल में संगठनात्मक रूप से भाजपा ने 27 लोकसभा क्षेत्रों को काशी और गोरखपुर क्षेत्र में बांटा गया है. काशी क्षेत्र का केंद्र वाराणसी और गोरखपुर क्षेत्र का केंद्र गोरखपुर ही है. काशी क्षेत्र की 14 लोकसभा सीटों में से 12 भाजपा के पास हैं.  वहीं गोरखपुर क्षेत्र की 13 में से 10 सीटों पर भाजपा का कब्जा है.

दोनों क्षेत्रों की अंबेडकर नगर, गाजीपुर, घोसी, जौनपुर और लालगंज सीट पर बसपा का कब्जा है. पूर्वांचल की आजमगढ़ सीट को सपा का गढ़ माना जाता है हालाकि उप चुनाव में इस सीच पर भाजपा ने जीत हासिक की थी. 2024 के आम चुनाव में इस सीट पर सपा के महासचिव शिवपाल यादव चुनाव लड़ सकते हैं. वहीं भाजपा ने 2024 में उत्तर प्रदेश की सभी सीटों पर जीत हासिल करने का लक्ष्य रखा है. 

बीजेपी के लिए पूर्वांचल क्यों है अहम?

पीएम मोदी वाराणसी से सांसद हैं. वहीं भाजपा के फायर ब्रांड हिन्दुत्व के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर का प्रतिनिधित्व करते हैं. भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां की 27 में से 25 सीटों पर जीत दर्ज की थी. 

विकास के सहारे चुनाव में बढ़त का लक्ष्य

मोदी और योगी सरकार ने बीते छह वर्षों में पूर्वांचल के विकास पर फोकस किया है. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, बलिया लिंक एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजनाएं को जमीन पर उतार कर पूर्वांचल को साधने की कोशिश की है. वहीं अयोध्या में श्रीराम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह कर लोगों को दिल में जगह बनाने का काम किया है. यहां काशी विश्वनाथधाम कॉरिडोर का निर्माण किया है. कुशीनगर में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाया है. 

कानून- व्यवस्था पर दिया खास ध्यान

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूर्वांचल में कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए माफिया मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद सहित अन्य बदमाशों के अपराधों पर नकेल कसी हैं. पूर्वांचल में औद्योगिक विकास के लिए विभिन्न निवेश नीतियों में पूर्वांचल में निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन देना शुरू किया है.

पिछड़ों, पसमांदा और दलितों का गढ़ पूर्वांचल

पूर्वांचल की जिन 27 लोकसभा क्षेत्रों में कुर्मी, मौर्य, राजभर, निषाद, यादव सहित अन्य जातियों का गढ़ हैं. लोकसभा चुनाव 2014 और 2019 में इनमें से यादव और राजभर को छोड़कर अधिकांश जातियों का रुख भाजपा की ओर रहा है. वहीं दलित वर्ग में कोरी, पासी, सोनकर, जाटव और कोल जाति के मतदाताओं भी निर्णायक संख्या में हैं.