दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कारोबारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से कार्गो सेवा की शुरुआत होने के साथ ही क्षेत्र के व्यापार और निर्यात क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. अब व्यापारियों को माल भेजने के लिए पूरी तरह दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे समय और लागत दोनों में उल्लेखनीय बचत होगी.
कार्गो सेवा के शुभारंभ के पहले दिन जेवर एयरपोर्ट से चेन्नई के लिए एक मालवाहक उड़ान रवाना हुई. इस उड़ान में ई-कॉमर्स कंपनियों के उत्पादों के साथ अन्य व्यावसायिक सामान भी भेजा गया. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में इस सेवा का दायरा और क्षमता दोनों बढ़ाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक उद्योगों और व्यापारियों को इसका लाभ मिल सके.
कारोबारियों के लिए सबसे बड़ी राहत माल परिवहन की लागत में कमी है. बताया जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट से कार्गो भेजने पर प्रति किलोग्राम करीब 20 रुपये तक की बचत हो सकती है. बड़े निर्यातकों के लिए यह बचत लाखों रुपये तक पहुंच सकती है, जिससे उनके उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे.
दिल्ली एयरपोर्ट तक माल पहुंचाने में अक्सर ट्रैफिक जाम और भारी भीड़ के कारण काफी समय लग जाता था. इसका असर विशेष रूप से उन उत्पादों पर पड़ता था, जिन्हें जल्दी गंतव्य तक पहुंचाना जरूरी होता है. जेवर एयरपोर्ट की बेहतर पहुंच व्यापारियों को तेज और सुविधाजनक परिवहन का विकल्प प्रदान करेगी.
इस नई सुविधा का लाभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे तौर पर मिलेगा. आगरा का पेठा, मेरठ का खेल सामान, मुरादाबाद का पीतल उद्योग, फरीदाबाद और गुरुग्राम के ऑटो पार्ट्स तथा नोएडा-ग्रेटर नोएडा के इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद अब कम लागत और कम समय में देश-विदेश के बाजारों तक पहुंच सकेंगे.
फिलहाल एयरपोर्ट से प्रतिदिन एक कार्गो फ्लाइट संचालित की जा रही है, जिसकी क्षमता लगभग 1500 किलोग्राम माल ढोने की है. अधिकारियों के अनुसार, मांग बढ़ने के साथ उड़ानों की संख्या और कार्गो क्षमता दोनों में विस्तार किया जाएगा. इससे क्षेत्र के निर्यात कारोबार को और मजबूती मिलेगी तथा स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने का अवसर प्राप्त होगा.