प्रदेश के लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अब मौसम ने फिर से करवट बदल ली है. जहां कुछ दिनों पहले हल्की ठंडक महसूस हो रही थी, वहां अब सूरज की तपिश तेज होती जा रही है. मौसम विभाग की चेतावनी ने कई परिवारों को चिंता में डाल दिया है, खासकर बुजुर्गों और छोटे बच्चों वाले घरों में.किसान, मजदूर और दफ्तर जाने वाले लोग दोबारा पुरानी मुश्किलों का सामना करने की तैयारी कर रहे हैं. गर्म हवाओं का कहर एक बार फिर लौट रहा है और यह स्थिति कई जिलों को प्रभावित करने वाली है.
मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के अनुसार बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मीरजापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबांकी, रायबरेली, अमेठी, सुलतानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर समेत आसपास के इलाकों में लू चलने की संभावना है. गुरुवार को इन क्षेत्रों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी.
इन जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर या इसके करीब रह सकता है. शुक्रवार तक लू प्रभावित जिलों की संख्या 45 से ज्यादा हो सकती है. अवध क्षेत्र के ज्यादातर जिले इस चपेट में रहेंगे. पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ चुनिंदा जिलों में भी गर्मी का प्रकोप बना रहेगा.
बुधवार को लखनऊ समेत कई जिलों में हवा चलने से तापमान में थोड़ी गिरावट आई. लखनऊ का अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.6 डिग्री ज्यादा था. हालांकि प्रयागराज एक बार फिर सबसे गर्म रहा जहां पारा 45 डिग्री तक पहुंच गया.
वाराणसी में 42.8, सोनभद्र और झांसी में 42, बांदा में 41 तथा हमीरपुर में 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. मंगलवार को भी प्रयागराज देश का सबसे गर्म स्थान रहा था. मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार-पांच दिनों में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश भी हो सकती है, लेकिन गर्मी का असर बरकरार रहेगा.