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India Daily

'डरिए मत, भागिए मत... शाह को सुनने का साहस दिखाएं', संसद के आखिरी 2 दिनों से पहले BJP का राहुल पर वार

संसद का मॉनसून सत्र अंतिम दौर में पहुंच चुका है. दो कामकाजी दिन बाकी हैं, लेकिन छात्रों के आंदोलन, अमित शाह के बयान, FCRA और परिसीमन जैसे मुद्दों पर गतिरोध कायम है.

KanhaiyaaZee
'डरिए मत, भागिए मत... शाह को सुनने का साहस दिखाएं', संसद के आखिरी 2 दिनों से पहले BJP का राहुल पर वार
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: संसद का मॉनसून सत्र अब आखिरी पड़ाव पर है और सदन के पास कामकाज के सिर्फ दो दिन बचे हैं. पूरे सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक खींचतान देखने को मिली. छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग तक विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बनाता रहा. सरकार ने चर्चा की पेशकश की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी. अब सवाल है कि बचे समय में संसद किसी सार्थक बहस तक पहुंच पाएगी या नहीं.

सत्र के शुरुआती दिनों में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा विपक्ष ने प्रमुखता से उठाया. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी विपक्ष ने निशाना साधा. जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हुए. इसके बाद विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह को भी घेरा और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर उनसे जवाब मांगा. सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की.

अमित शाह के बयान पर अटका मामला

प्रधान से जुड़े विवाद के बाद विपक्ष का मुख्य दबाव अमित शाह पर केंद्रित हो गया. राहुल गांधी ने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से सीधे जवाब की मांग की. सरकार ने कहा कि अमित शाह सदन में बयान देने के साथ छात्रों के आंदोलन से जुड़े तमाम मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं. विपक्ष हालांकि केवल बयान नहीं, बल्कि सरकार से व्यापक जवाब और कार्रवाई को लेकर स्पष्टता चाहता है.

FCRA बिल पर भी बढ़ी अनिश्चितता

सत्र के दौरान FCRA संशोधन विधेयक भी चर्चा का विषय बना. कुछ समूहों की आपत्तियों के बाद अमित शाह ने ईसाई समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत की और सभी पक्षों की बात सुनने का भरोसा दिया. इसके बावजूद विधेयक को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई. राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में विपक्षी सांसदों ने इसे वापस लेने या संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की मांग रखी. सरकार JPC विकल्प पर विचार कर रही है.

परिसीमन पर बातचीत, लेकिन नहीं निकला रास्ता

परिसीमन का मुद्दा भी सत्र में लगातार चर्चा में रहा. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और राहुल गांधी के बीच इस विषय पर बातचीत के कई दौर हुए. राहुल गांधी ने सर्वदलीय बैठक की मांग दोहराई. सरकार का कहना रहा कि समर्थन की स्थिति स्पष्ट होने पर बैठक बुलाई जा सकती है. इसी बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई. BJP नेता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर सदन से अनुपस्थित रहने को लेकर हमला बोला.

आखिरी दो दिन तय करेंगे सत्र का संदेश

कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और अयोध्या में कथित चंदा अनियमितता पर माफी की मांग पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा. राहुल गांधी ने छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाया है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, आखिरी दिनों में छात्रों के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की कोशिश होगी. अब देखना होगा कि हंगामे के बीच संसद बहस और जवाबदेही का कोई ठोस रास्ता निकाल पाती है या नहीं.