लखनऊ के संजय गांधी परास्नातक आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में इलाज कराने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए राहत की खबर है. लंबे समय से चली आ रही डॉक्टरों की कमी अब काफी हद तक पूरी होने वाली है. संस्थान प्रशासन ने 87 नए विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति का ऐलान कर दिया है, जिससे अस्पताल की सेवाओं में नई जान आएगी. बुजुर्ग माता पिता, छोटे बच्चों या गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए यह अच्छी उम्मीद है. अब जटिल इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है.
संस्थान निदेशक द्वारा जारी परिणाम के अनुसार 3 प्रोफेसर, 8 एसोसिएट प्रोफेसर और 76 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल किए गए हैं. यह भर्ती सीधी प्रक्रिया के तहत की गई है. नई टीम विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों को मजबूत करेगी और मरीजों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करेगी.
पीडियाट्रिक कार्डियोलाजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो ओटोलाजी, क्रिटिकल केयर मेडिसिन, नियोनेटोलाजी, एंडोक्राइनोलाजी, पीडियाट्रिक मेडिकल आंकोलाजी, ट्रामा सर्जरी, न्यूक्लियर मेडिसिन और पल्मोनरी मेडिसिन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नए डॉक्टर शामिल हुए हैं. इससे इन विभागों की सेवाएं और बेहतर होंगी.
एनेस्थीसियोलाजी को 8, माइक्रोबायोलाजी को 6, रेडियोडायग्नोसिस को 5, सीवीटीएस को 4, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन को 4, कार्डियोलाजी को 3 और इमरजेंसी मेडिसिन को 3 नए डॉक्टर मिले हैं. इसके अलावा नेफ्रोलाजी, पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी, न्यूरोसर्जरी और कई अन्य विभागों को भी नई फैकल्टी मिली है.
नई नियुक्तियों से अस्पताल में मरीजों का इंतजार समय कम होगा और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार होगा. PGI प्रशासन का कहना है कि यह कदम संस्थान को और मजबूत बनाएगा. अब मरीजों को बेहतर और तेज इलाज मिल सकेगा, खासकर गंभीर बीमारियों में.