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'ऑक्सीजन मास्क लगाते ही फूलने लगा बच्चा', एंबुलेंस में मासूम की मौत; परिवार ने कर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप

हरदोई में आठ महीने के बीमार मासूम की लखनऊ रेफर किए जाने के दौरान सरकारी एंबुलेंस में मौत हो गई. परिजनों ने एंबुलेंस कर्मियों पर ऑक्सीजन देने में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है.

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Edited By: Shanu Sharma
'ऑक्सीजन मास्क लगाते ही फूलने लगा बच्चा', एंबुलेंस में मासूम की मौत; परिवार ने कर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप
Courtesy: AI

हरदोई जिले के नयागांव मुबारकपुर के मजरा गोंधाई में एक दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां आठ महीने के मासूम अरविंद की सरकारी एंबुलेंस में लखनऊ ले जाते समय मौत हो गई.

परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस कर्मियों की लापरवाही के कारण बच्चे की अचानक तबीयत और खराब हो गई और उसकी मौत हो गई.

क्या है पूरा मामला?

मृतक बच्चे के पिता बब्बू के अनुसार, उनका सबसे छोटा बेटा अरविंद पिछले दो से तीन दिनों से दस्त और तेज बुखार से परेशान था. बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे उसे इलाज के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने पर रात करीब एक बजे उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया. इसके बाद सरकारी एंबुलेंस की व्यवस्था की गई.

ऑक्सीजन देने में की लापरवाही?

परिजनों का आरोप है कि जब बच्चे को एंबुलेंस में लिटाया गया, उसी दौरान एंबुलेंस कर्मियों ने उसके मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगाकर सिलेंडर से गैस का प्रवाह अचानक बहुत तेज कर दिया. बच्चे के पिता का कहना है कि वह सामान रखने में व्यस्त थे, तभी बच्चे का शरीर फुलने लगा. परिवार का आरोप है कि बच्चे की हालत तेजी से बिगड़ी और एंबुलेंस के भीतर ही उसकी मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने एंबुलेंस चालक और परिचालक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. घटना से गुस्साए परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेंगे राज

शहर कोतवाली प्रभारी संजय त्यागी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया है. उनका कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा. पुलिस के अनुसार, रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और एंबुलेंस में मौजूद कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है. वहीं, इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन एंबुलेंस व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.