सावन का महीना आते ही देशभर के शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगती है. उत्तर प्रदेश की पहचान केवल अपनी समृद्ध संस्कृति, इतिहास और राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भगवान शिव की आस्था से जुड़े अनेक प्राचीन मंदिरों के कारण भी विशेष महत्व रखता है.
इन मंदिरों का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व श्रद्धालुओं को दूर-दूर से अपनी ओर आकर्षित करता है. यदि आप इस सावन किसी पवित्र शिव धाम की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश के ये प्रसिद्ध मंदिर आपकी यात्रा को आध्यात्मिक अनुभव से भर सकते हैं.
लखीमपुर खीरी जिले के गोला गोकर्णनाथ में स्थित गोकर्णनाथ महादेव मंदिर प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध शिव धामों में गिना जाता है. सावन के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. मंदिर का धार्मिक महत्व सदियों से बना हुआ है.
आगरा के निकट यमुना नदी के किनारे स्थित बटेश्वर अपनी अनोखी मंदिर श्रृंखला के लिए प्रसिद्ध है. यहां सैकड़ों छोटे-बड़े शिव मंदिर एक साथ दिखाई देते हैं.
वृंदावन स्थित गोपेश्वर महादेव मंदिर सबसे पुराने शिव मंदिरों में माना जाता है. पवित्र यमुना नदी के समीप स्थित इस मंदिर में वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है. सावन के महीने में यहां विशेष पूजा और धार्मिक आयोजन होते हैं.
राम नगरी अयोध्या में स्थित नागेश्वरनाथ महादेव मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है. मान्यता है कि इसका निर्माण भगवान श्री राम के पुत्र कुश ने कराया था. श्रद्धालु मानते हैं कि यहां दर्शन और पूजा करने से जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है.
मेरठ के छावनी क्षेत्र में स्थित औघड़नाथ महादेव मंदिर एक प्राचीन सिद्धपीठ माना जाता है. सावन के दौरान यहां दूर-दूर से भक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं. मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व इसे प्रदेश के प्रमुख शिव धामों में स्थान दिलाता है.
प्रयागराज में यमुना नदी के किनारे, किले के समीप स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने वालों भक्तों की मनोकामना पूर्ण हो जाती है. सावन में यहां विशेष पूजा-अर्चना और दर्शन का महत्व और भी बढ़ जाता है.
कन्नौज का श्री गौरी शंकर मंदिर अपनी अनूठी विशेषता के लिए प्रसिद्ध है. कहा जाता है कि यहां स्थापित शिवलिंग में शिव परिवार की उपस्थिति का प्रतीक स्वरूप पूजन किया जाता है. इसका इतिहास अत्यंत प्राचीन है और यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है.