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वायु प्रदुषण को लेकर कुंभकर्णी नींद से जागा नोएडा प्रशासन! खुले में कचरा जलाने पर कंपनी पर लगा 1.16 लाख का जुर्माना

ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-11 क्षेत्र में कूड़ा जलाने के मामले में प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है. ई-गरुड़ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनी पर 1.16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. अधिकारियों ने दोबारा गलती पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

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वायु प्रदुषण को लेकर कुंभकर्णी नींद से जागा नोएडा प्रशासन! खुले में कचरा जलाने पर कंपनी पर लगा 1.16 लाख का जुर्माना
Courtesy: Social Media

ग्रेटर नोएडा में कूड़ा जलाने के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. सेक्टर ईकोटेक-11 स्थित एक कंपनी पर खुले में कचरा जलाने के आरोप में 1.16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जनस्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें कंपनी की लापरवाही सामने आई. प्राधिकरण ने साफ कहा है कि शहर में प्रदूषण फैलाने और ठोस कचरा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी.

प्राधिकरण को सूचना मिली थी कि ईकोटेक-11 क्षेत्र में एक कंपनी परिसर के पास कूड़ा जलाया जा रहा है. शिकायत के बाद जनस्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच की. निरीक्षण के दौरान पाया गया कि परिसर के आसपास जलाए गए कचरे के निशान मौजूद थे. इसके बाद अधिकारियों ने संबंधित कंपनी को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई शुरू कर दी.

कंपनी पर लगाया गया भारी जुर्माना

जांच में दोषी पाए जाने के बाद ई-गरुड़ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनी पर 1.16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. अधिकारियों का कहना है कि खुले में कूड़ा जलाने से पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है. इसी वजह से प्रदूषण फैलाने वाले मामलों में अब सख्ती बढ़ाई जा रही है. प्राधिकरण ने कंपनी को भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की चेतावनी भी दी है.

ठोस कचरा प्रबंधन नियमों पर जोर

प्राधिकरण ने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन नीति के तहत सभी बल्क वेस्ट जेनरेटर को अपने परिसर का कचरा वैज्ञानिक तरीके से निपटाना अनिवार्य है. नियमों के अनुसार, कंपनियों और बड़े संस्थानों को कचरे का अलग-अलग वर्गीकरण और प्रोसेसिंग करनी होती है. खुले में कूड़ा जलाना नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाता है और इसके लिए जुर्माने का प्रावधान है.

प्रदूषण रोकने पर प्रशासन का फोकस

ग्रेटर नोएडा में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी बढ़ा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि खुले में कूड़ा जलाने से हवा की गुणवत्ता खराब होती है और आसपास रहने वाले लोगों को सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इसी वजह से जनस्वास्थ्य विभाग और अन्य टीमें लगातार औद्योगिक क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों में निरीक्षण कर रही हैं.

शहर को स्वच्छ रखने की अपील

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने लोगों और कंपनियों से शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग की अपील की है. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है और नियमों का पालन करना जरूरी है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अगर भविष्य में दोबारा कूड़ा जलाने की घटनाएं सामने आईं, तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी.