गाजियाबाद जल्द ही उत्तर प्रदेश के प्रमुख डिजिटल और आईटी केंद्रों में अपनी पहचान बना सकता है. नगर निगम ने क्रॉसिंग रिपब्लिक में शहर का पहला साइबर हब विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य गाजियाबाद को आईटी, स्टार्टअप और डिजिटल कारोबार का नया केंद्र बनाना है. इसके शुरू होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलने के साथ ही कारोबार को भी नई रफ्तार मिलेगी.
नगर निगम के पास क्रॉसिंग रिपब्लिक में करीब 25 हजार वर्गमीटर जमीन उपलब्ध है. हाल ही में इस भूमि की पैमाइश कर इसे साइबर हब के लिए उपयुक्त माना गया है. अब नगर निगम इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रहा है. अधिकारियों के अनुसार इस प्रोजेक्ट पर लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे मंजूरी के लिए शासन के पास भेजा जाएगा.
प्रस्तावित साइबर हब में आईटी कंपनियों, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेंटर, डेटा सेंटर और स्टार्टअप ऑफिस स्थापित किए जाएंगे. इससे गाजियाबाद के युवाओं को अपने ही शहर में रोजगार और करियर के बेहतर अवसर मिल सकेंगे. साथ ही नए उद्यमियों और फ्रीलांसर को भी आधुनिक कार्यस्थल उपलब्ध होगा.
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य गाजियाबाद को डिजिटल और स्टार्टअप का नया केंद्र बनाना है. उन्होंने कहा कि शहर में मेट्रो, नमो भारत, एक्सप्रेसवे, हाईवे और एयरपोर्ट जैसी बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है. इसका सीधा फायदा यहां आने वाली कंपनियों और निवेशकों को मिलेगा.
साइबर हब को केवल ऑफिस परिसर तक सीमित नहीं रखा जाएगा. यहां रेस्टोरेंट, कैफे, स्टूडियो फ्लैट और अन्य जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी. स्टूडियो फ्लैट उन लोगों के लिए उपयोगी होंगे जो व्यापार या ऑफिस के काम से कुछ समय के लिए गाजियाबाद आएंगे.