हरियाणा सरकार ने राज्य के किसानों के लिए खरीफ फसल पंजीकरण को लेकर अहम सूचना जारी की है. जिन किसानों ने अभी तक मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी खरीफ फसलों का पंजीकरण नहीं कराया है, उनके पास अब केवल 31 जुलाई तक का समय बचा है.
निर्धारित तिथि के बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा और उसके बाद पंजीकरण का अवसर नहीं मिलेगा. सरकार की ओर से किसानों को तय समय के अंदर रजिस्ट्रेशन पूरी करने की अपील की गई है, जिससे की उन्हें आगे किसी भी प्रकार का सामना न करना पड़े.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बार किसानों को खाद का वितरण भी पोर्टल में दर्ज जमीन और फसल के विवरण के आधार पर ही किया जाएगा. यदि किसी किसान ने अपनी फसल का पंजीकरण नहीं कराया है या जानकारी अधूरी है, तो खाद प्राप्त करने में दिक्कत आ सकती है. ऐसे में किसानों के लिए समय पर सही जानकारी दर्ज कराना बेहद जरूरी हो गया है.
खरीफ फसल तैयार होने के बाद जब किसान सरकारी खरीद एजेंसियों के माध्यम से मंडियों में अपनी उपज बेचने जाएंगे, तब केवल वही फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी, जिसका विवरण पोर्टल पर दर्ज होगा. यदि फसल का पंजीकरण नहीं कराया गया है या गलत जानकारी दर्ज है, तो किसान सरकारी खरीद योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे.
फसल पंजीकरण कराने वाले किसानों के पास परिवार पहचान पत्र होना आवश्यक है. इसी पहचान के आधार पर किसान की जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी और आगे की सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा. यदि किसी किसान को पंजीकरण के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी या अन्य समस्या आती है, तो वह आसानी से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकता है. इसके अलावा संबंधित कृषि विभाग के खंड कार्यालय से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है. किसान अपने गांव के कामन सर्विस सेंटर, अटल सेवा केंद्र के माध्यम से या स्वयं अपने मोबाइल से मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं.