जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 का शुभारंभ आज से हो रहा है. इस अवसर पर ओडिशा के पुरी में श्रद्धा, भक्ति और कला का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है. देश के प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट और पद्म श्री सम्मानित सुदर्शन पटनायक ने पुरी बीच पर भगवान जगन्नाथ को समर्पित एक भव्य रेत की कलाकृति तैयार की है.
रथ यात्रा से पहले ही यह रेत की मूर्ति श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गई है. बड़ी संख्या में लोग कलाकृति को देखने और उसके साथ तस्वीरें लेने के लिए पुरी बीच पहुंच रहे हैं.
सुदर्शन पटनायक की इस कलाकृति में भगवान जगन्नाथ का आकर्षक स्वरूप उकेरा गया है. इसके चारों ओर रेत से बने 100 छोटे रथ तैयार किए गए हैं, जो विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा की भव्यता का प्रतीक हैं. मूर्ति को रंगों और बारीक कलात्मक शैली से सजाया गया है, जिससे यह और भी मनमोहक दिखाई दे रही है. मूर्ति निर्माण के दौरान भी बड़ी संख्या में लोग पुरी बीच पहुंचे और कलाकार की इस अनूठी रचना को आकार लेते हुए देखा. श्रद्धालुओं ने इसे भगवान जगन्नाथ के प्रति समर्पण और भक्ति की अद्भुत अभिव्यक्ति बताया.
#WATCH | On the auspicious occasion of #RathYatra, sand artist @sudarsansand created a special sand sculpture at Puri Beach, Odisha featuring Mahaprabhu #Jagannath and 100 miniature sand chariots.#LordJagannath pic.twitter.com/QTsLFJqfZf
— DD India (@DDIndialive) July 16, 2026
जगन्नाथ रथ यात्रा भारत के सबसे प्रमुख धार्मिक उत्सवों में गिनी जाती है. इस दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को भव्य लकड़ी के रथों में विराजमान कर श्री जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाता है. लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होकर रथ खींचने का सौभाग्य प्राप्त करते हैं. यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि समानता, भाईचारे और समावेशी संस्कृति का भी संदेश देता है.
मान्यता है कि इस अवसर पर भगवान स्वयं मंदिर से बाहर निकलकर सभी भक्तों को बिना किसी भेदभाव के दर्शन और आशीर्वाद देते हैं. सुदर्शन पटनायक लंबे समय से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी रेत की मूर्तियों के लिए पहचान बना चुके हैं. पर्यावरण संरक्षण, खेल, सामाजिक जागरूकता और धार्मिक आयोजनों जैसे अनेक विषयों पर उनकी कलाकृतियां चर्चा का विषय रही हैं. हर वर्ष जगन्नाथ रथ यात्रा के अवसर पर पुरी बीच पर उनकी बनाई रेत की मूर्तियां लोगों का ध्यान आकर्षित करती हैं. इस वर्ष भी उनकी नई रचना उत्सव की तैयारियों का प्रमुख आकर्षण बन गई है.