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एटा में दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार कंटेनर ने यात्रियों को रौंदा; 5 की मौत

उत्तर प्रदेश के एटा में सड़क किनारे खड़ी रोडवेज बस के पास खड़े यात्रियों को तेज रफ्तार कंटेनर ने कुचल दिया. हादसे में पांच लोगों की मौत हुई, जबकि 12 अन्य घायल हुए. मामले की जांच जारी है.

KanhaiyaaZee
एटा में दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार कंटेनर ने यात्रियों को रौंदा; 5 की मौत
Courtesy: X

एटा: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. दिल्ली जा रही रोडवेज बस खराब होने के कारण सड़क किनारे खड़ी थी. गर्मी से परेशान कुछ यात्री बस से उतरकर बाहर खड़े थे. इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार कंटेनर ने उन्हें कुचल दिया और बस से जा टकराया. हादसे में पांच लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.

यह हादसा बागवाला थाना क्षेत्र में जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर हुआ. जानकारी के अनुसार, एटा से दिल्ली जा रही रोडवेज बस में लगभग 40 यात्री सवार थे. तकनीकी खराबी आने के बाद बस सड़क किनारे रोक दी गई. बस का चालक जरूरी पार्ट्स लेने गया था. इसी दौरान कुछ यात्री नीचे उतरकर सड़क किनारे खड़े हो गए और तभी तेज रफ्तार कंटेनर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया.

चीख-पुकार के बीच शुरू हुआ राहत कार्य

टक्कर इतनी भीषण थी कि कई यात्री सड़क पर दूर तक जा गिरे. स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. घायलों को वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया. हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिसे बाद में क्रेन की मदद से वाहन हटाकर खुलवाया गया.

प्रत्यक्षदर्शी ने बताई पूरी घटना

घायल यात्री अंसार ने बताया कि बस खराब होने के कारण सभी लोग इंतजार कर रहे थे. चालक बस ठीक कराने के लिए सामान लेने गया था. गर्मी अधिक होने से कुछ यात्री नीचे उतर गए, जबकि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बस के भीतर ही बैठे रहे. इसी वजह से बस के अंदर मौजूद यात्रियों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा. बाहर खड़े लोग सीधे कंटेनर की चपेट में आ गए.

अधिकारियों ने दिए जांच के निर्देश

घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अरविंद सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने घायलों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया और हादसे की जांच के निर्देश दिए. जिलाधिकारी ने बताया कि बस सड़क किनारे खड़ी थी, लेकिन उसका कुछ हिस्सा सड़क पर था. इसी कारण पीछे से आ रहे कंटेनर की टक्कर इतनी गंभीर साबित हुई.

कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे में सतेंद्र शर्मा, राजेश, सुखराम, शैलेश और आशीष सक्सेना की जान चली गई. सभी अपने-अपने परिवारों की जिम्मेदारी निभाने के लिए दिल्ली जा रहे थे. कोई नौकरी पर लौट रहा था, कोई रोजी-रोटी कमाने और कोई परीक्षा देने निकला था. अचानक हुए इस हादसे ने कई घरों को गहरे शोक में डुबो दिया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.