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राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सामने आई RSS पहली प्रतिक्रिया, महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कही ये बात

अयोध्या राम मंदिर के दान पात्रों से चोरी के मामले पर RSS ने गहरी चिंता जताई है. संगठन ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, पारदर्शी व्यवस्था और मंदिर में श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया.

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सामने आई RSS पहली प्रतिक्रिया, महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कही ये बात
Courtesy: Social Media

अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान पात्रों से कथित चोरी का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इस घटना को श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा संवेदनशील विषय बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. संघ का कहना है कि मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की जरूरत है. इसी बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट भी मामले को लेकर महत्वपूर्ण फैसलों की तैयारी में जुटा है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और यहां दान पात्रों से चोरी की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि इस घटना ने राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. संघ ने स्पष्ट किया कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.

SIT जांच पर जताया भरोसा

RSS ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. संगठन ने उम्मीद जताई कि जांच निष्पक्ष होगी और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे उचित सजा मिलेगी. संघ का मानना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए ताकि लोगों का विश्वास बना रहे.

ट्रस्ट की बैठक में हो सकते हैं अहम फैसले

सूत्रों के अनुसार, 6 जुलाई को होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी करने पर विचार किया जा सकता है. दोनों पदाधिकारियों ने दान में कथित अनियमितताओं के बाद इस्तीफा दे दिया था. ट्रस्ट अंतिम निर्णय लेने से पहले दोनों का लिखित और मौखिक पक्ष सुनेगा.

नियमों के तहत होगी कार्रवाई

ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों का कहना है कि किसी भी अनुशासनात्मक कदम से पहले संबंधित पदाधिकारियों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा. इसके बाद ही ट्रस्ट के नियमों के अनुसार इस्तीफा स्वीकार करने या अन्य कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा. किसी भी निर्णय के लिए ट्रस्टियों के आवश्यक बहुमत की मंजूरी भी जरूरी होगी.

धैर्य और संयम की अपील

RSS ने हिंदू समाज से अपील की है कि जांच पूरी होने तक धैर्य और संयम बनाए रखें. संगठन ने कहा कि इस घटना का फायदा उठाकर समाज और धर्म की छवि खराब करने की कोशिश करने वाली ताकतों से सावधान रहने की जरूरत है. संघ ने भरोसा जताया कि पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था, जवाबदेह प्रशासन और निष्पक्ष कार्रवाई के जरिए मंदिर प्रबंधन श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत करेगा.