गोरखपुर में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई. 33 वर्षीय इंजीनियर प्रद्युम्न यादव ने कथित तौर पर पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली. वह मध्य प्रदेश की एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे. कोर्ट में चल रहे पारिवारिक मामले की सुनवाई के लिए कुशीनगर आए हुए थे. पुलिस के मुताबिक, इंजीनियर ने मौत से पहले मंदिर में पूजा की और फिर एक वीडियो रिकॉर्ड कर पेड़ से लटककर जान दे दी.
पुलिस जांच के अनुसार, प्रद्युम्न यादव कुशीनगर के रहने वाले थे. वह सुनवाई के बाद गोरखपुर के रास्ते इंदौर लौटने की तैयारी में थे. रास्ते में उन्होंने कुसुम्ही जंगल के पास स्थित बुढ़िया माई मंदिर में दर्शन किए. इसके बाद मंदिर के पास ही एक पेड़ पर गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि उन्होंने घटना से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति और पारिवारिक विवाद का जिक्र किया. वीडियो को उन्होंने व्हाट्सऐप स्टेटस पर भी लगाया था.
मृतक इंजीनियर ने वीडियो में कहा कि वह जिंदगी की लड़ाई हार चुके हैं. वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थे. उन्होंने अपने परिवार और खासकर बड़े भाई के लिए भावुक बातें कहीं. वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता को यह एहसास न होने देना कि उनका एक बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा. प्रद्युम्न पिछले कई महीनों से तनाव में थे और कोर्ट के चक्कर लगाने के कारण भी परेशान रहते थे.
परिवार के मुताबिक, प्रद्युम्न की शादी साल 2017 में हुई थी. उनकी एक पांच साल की बेटी भी है. शादी के कुछ समय बाद पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया था. परिजनों का आरोप है कि पत्नी लंबे समय से अलग रह रही थी. दोनों के बीच दहेज उत्पीड़न तथा भरण-पोषण से जुड़े मामले अदालत में चल रहे थे. इंजीनियर को बार-बार नौकरी से छुट्टी लेकर कोर्ट आना पड़ता था.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. मोबाइल और पहचान पत्र के आधार पर मृतक की पहचान हुई.