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नोएडा एयरपोर्ट तक सफर होगा और आसान, 56 गांवों से होकर गुजरेगा गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य तेजी से चल रहा है. अब तक 57 प्रतिशत भूमि खरीदी जा चुकी है.

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Edited By: Shanu Sharma
नोएडा एयरपोर्ट तक सफर होगा और आसान, 56 गांवों से होकर गुजरेगा गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे
Courtesy: AI

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना तेजी से आकार ले रही है.

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए अब तक करीब 422 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया है, जो कुल आवश्यक भूमि का लगभग 57 प्रतिशत है.

740 एकड़ भूमि की खरीदारी

प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण के लिए 1204 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है. यीडा क्षेत्र के 16 गांवों में लगभग 740 एकड़ भूमि खरीदी जा रही है. भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद इसे उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को सौंप दिया जाएगा. जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा. यह लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र से गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ते हुए यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर बिंदु तक पहुंचेगा.

इसका अंतिम सिरा सेक्टर-21 स्थित प्रस्तावित फिल्म सिटी के पास होगा. कुल 74.3 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का लगभग 20 किलोमीटर हिस्सा यीडा क्षेत्र में आएगा.इस हिस्से में करीब 9 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड मार्ग बनाया जाएगा. साथ ही दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण भी होगा, जिससे आसपास के गांवों के लोगों को स्थानीय आवागमन में सुविधा मिलेगी और मुख्य एक्सप्रेसवे पर यातायात का दबाव भी कम रहेगा.

56 गांवों से होकर गुजरेगा मार्ग

यह परियोजना कुल 56 गांवों से होकर निकलेगी. इनमें गौतमबुद्ध नगर के 8 और बुलंदशहर जिले के 48 गांव शामिल हैं. बुलंदशहर के गांव खुर्जा, सियाना, बुलंदशहर और सिकंदराबाद तहसील क्षेत्रों में स्थित हैं. इन सभी स्थानों पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है. परियोजना पूरी होने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से सीधा संपर्क मिलेगा, जिससे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क पहले की तुलना में अधिक मजबूत होगा.

गंगा एक्सप्रेसवे के यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, आगरा और प्रयागराज सहित कई प्रमुख शहरों के बीच यात्रा अधिक आसान हो जाएगी. इसका सबसे बड़ा लाभ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले यात्रियों और माल परिवहन क्षेत्र को मिलेगा.