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सीएम योगी ने चित्रकूट में की कामदगिरि परिक्रमा, बंदरों को खिलाया चना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट के प्रसिद्ध कामदगिरि पर्वत की पारंपरिक 5 किलोमीटर लंबी परिक्रमा पूरी की. परिक्रमा के दौरान सीएम योगी का बहुत ही प्यारा और साधारण रूप देखने को मिला.

Shilpa Shrivastava
सीएम योगी ने चित्रकूट में की कामदगिरि परिक्रमा, बंदरों को खिलाया चना
Courtesy: ANI X

चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह चित्रकूट के प्रसिद्ध कामदगिरि पर्वत की पैदल परिक्रमा की. यह परिक्रमा करीब 5 किलोमीटर लंबी है, जिसे पूरा करने में 1 से 1.5 घंटे लगते हैं. परिक्रमा के दौरान सीएम योगी बरहा स्थित हनुमान मंदिर में पूजा करने रुके. रास्ते में उन्होंने बंदरों को चना भी खिलाया. सुबह जल्दी उन्होंने यह यात्रा शुरू की.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट के प्रसिद्ध कामदगिरि पर्वत की पारंपरिक 5 किलोमीटर लंबी परिक्रमा पूरी की. परिक्रमा के दौरान सीएम योगी का बहुत ही प्यारा और साधारण रूप देखने को मिला. रास्ते में उन्होंने बंदरों को बहुत प्यार से अपने हाथों से चना और भोजन खिलाया. सीएम योगी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग उनके इस सहज और संवेदनशील अंदाज की काफी तारीफ कर रहे हैं.

बांदा को मिलेगी 710 करोड़ रुपये की सौगात?

चित्रकूट के बाद सीएम योगी बांदा जिले पहुंचे. यहां उन्होंने जनता को बड़ी सौगात देंगे. बांदा और बबेरू विधानसभा क्षेत्रों में 710 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा. इन परियोजनाओं में सड़क, बिजली, पानी, अस्पताल और अन्य जरूरी काम शामिल हैं. साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र, आयुष्मान कार्ड, कैशलेस इलाज कार्ड, घर की चाबी और टूलकिट वितरित किए जाएंगे.

क्यों है यह दौरा खास?

सीएम योगी का यह दो दिवसीय चित्रकूट-बांदा दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बुंदेलखंड में 19 विधानसभा और 4 लोकसभा सीटें हैं, जो राजनीतिक रूप से बहुत अहम हैं. अयोध्या और काशी के विकास के बाद अब सरकार चित्रकूट को भगवान राम की तपोभूमि के रूप में और विकसित करना चाहती है. कामदगिरि परिक्रमा मार्ग को सुंदर बनाने के लिए 562.5 करोड़ रुपये का कॉरिडोर बनाने की योजना है. साथ ही तुलसी स्मारक का भी विकास किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि यहां अयोध्या और काशी की तरह ज्यादा तीर्थयात्री आएं.