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लखनऊ के बाद समस्तीपुर जाएंगे असदुद्दीन ओवैसी: यूपी-बिहार में चुनावी जमीन मजबूत करने की तैयारी

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों के साथ चुनावी रणनीति पर बैठक करने के बाद बिहार के समस्तीपुर जाएंगे. उनका यह दौरा यूपी और बिहार में संगठन विस्तार के लिए अहम माना जा रहा है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
लखनऊ के बाद समस्तीपुर जाएंगे असदुद्दीन ओवैसी: यूपी-बिहार में चुनावी जमीन मजबूत करने की तैयारी
Courtesy: X

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी कल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वे पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, स्थानीय कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे.

बैठक में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों, दलित-मुस्लिम-ओबीसी (DMO) समीकरणों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को रोकने की चुनावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा होगी.

 यूपी में 2027 चुनाव की तैयारियां तेज

इससे पहले लखनऊ में दिए अपने बयान में ओवैसी ने स्पष्ट कर दिया था कि AIMIM उत्तर प्रदेश में पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ने की योजना बना रही है. उनका प्राथमिक उद्देश्य मुस्लिम समुदाय को अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान और नेतृत्व विकसित करने में मदद करना है.

पार्टी का ध्यान मुख्य रूप से उन सीटों पर है जहां मुस्लिम और दलित मतदाताओं की संख्या अधिक है. हालांकि गठबंधन के सवाल पर पार्टी का आधिकारिक रुख अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है.

लखनऊ के बाद बिहार के समस्तीपुर का रुख

लखनऊ में बैठकों का दौर पूरा करने के बाद ओवैसी बिहार के समस्तीपुर जिले के लिए रवाना होंगे. बिहार में अपनी राजनीतिक पैठ मजबूत करने की कोशिश में जुटी AIMIM के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण है.

समस्तीपुर में वे पार्टी कैडर को संबोधित करेंगे और आने वाले स्थानीय व आम चुनावों के मद्देनजर संगठन को मजबूत करने की रूपरेखा तैयार करेंगे.

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की नजर

ओवैसी के दौरों को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है. पहले भी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देकर उनके कार्यक्रमों की अनुमति रोकी जा चुकी है, जिस पर पार्टी ने कड़ा विरोध जताया था.

अब एक बार फिर ओवैसी के इस दोहरे राज्य के दौरे को उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों जगह अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत करने की AIMIM की बड़ी कवायद के रूप में देखा जा रहा है.