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राजस्थान में अंता विधानसभा में कल उपचुनाव, इन उम्मीदवारों का होगा जमकर मुकाबला

बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर मंगलवार को उपचुनाव होने वाला है. 2,27,563 मतदाता मतदान करेंगे, जिनमें 1,15,982 पुरुष, 1,10,241 महिलाएं और 4 अन्य शामिल हैं.

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Edited By: Princy Sharma
राजस्थान में अंता विधानसभा में कल उपचुनाव, इन उम्मीदवारों का होगा जमकर मुकाबला
Courtesy: Pinterest

राजस्थान: बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर मंगलवार को उपचुनाव होने जा रहा है. चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है और कुल 2,27,563 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इनमें 1,15,982 पुरुष, 1,10,241 महिलाएं और 4 अन्य मतदाता शामिल हैं. मतदान के लिए 268 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जहां कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. 

प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक मतदान दल के साथ पुलिस बल तैनात किया है. संवेदनशील और क्रिटिकल केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की टीम मौजूद रहेगी. पूरे क्षेत्र में 12 क्विक रिस्पांस टीम, 43 मोबाइल पार्टियां, 43 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 12 पुलिस सुपरवाइजरी अधिकारी, 12 एरिया मजिस्ट्रेट, 4 वरिष्ठ पुलिस पर्यवेक्षक और 4 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ड्यूटी पर रहेंगे. 

वोटर ID के लिए कौनसे दस्तावेज हैं मान्य?

मतदाताओं के लिए वोटर आईडी के अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, स्वास्थ्य बीमा कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, सेवा पहचान पत्र, बैंक पासबुक और विकलांग प्रमाण पत्र जैसे 11 अन्य दस्तावेज भी मान्य हैं. अंता उपचुनाव में कुल 15 उम्मीदवार मैदान में हैं. मुख्य मुकाबला कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया और भाजपा के मोरपाल सुमन के बीच माना जा रहा है. 

क्यों कराया जा रहा उपचुनाव?

हालांकि, निर्दलीय उम्मीदवार नरेश कुमार मीणा ने इसे त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया है. पुखराज सोनल, पंकज कुमार, बिलाल खान, मंजूर आलम, योगेश कुमार शर्मा (राइट टू रिकॉल पार्टी) और अन्य उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.  यह उपचुनाव भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा की सदस्यता रद्द होने के बाद कराया जा रहा है. 2005 के एक विवादित मामले में सजा पाए जाने के कारण उनकी विधायक की सदस्यता समाप्त कर दी गई थी. 

क्या कंवरलाल मीणा लड़ पाएंगे चुनाव? 

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुसार, 2 साल या उससे अधिक की सजा मिलने पर सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है और दोषी ठहराया गया विधायक 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ सकता. कंवरलाल मीणा अब 2028 तक अयोग्य रहेंगे. मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा. प्रशासन की निगरानी में मतदान के बाद ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखी जाएगी और मतगणना 12 नवंबर को होगी. निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की है.