जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद आसाराम को शुक्रवार को छह महीने की जमानत मिली. कोर्ट ने उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए यह फैसला लिया. लेकिन जमानत के बाद आई तस्वीरों ने सबको चौंका दिया. पहले व्हीलचेयर पर बैठे दिखने वाले आसाराम अब बिना किसी सहारे के चल रहे हैं. वे खुद सीढ़ियां उतरकर अस्पताल से आश्रम की ओर जा रहे थे. उनके चेहरे पर मुस्कान थी और समर्थक खुशी से झूम रहे थे.
आसाराम पर 2013 में एक नाबालिग लड़की से यौन शोषण का आरोप लगा था. जोधपुर की विशेष अदालत ने 25 अप्रैल 2018 को उन्हें पॉक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई. तब से वे जेल में हैं. करीब 12 साल बाद जनवरी 2025 में पहली बार मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत मिली. उसके बाद वे समय-समय पर जमानत लेते रहे हैं.
राजस्थान और गुजरात हाई कोर्ट ने अब फिर छह महीने की राहत दी है. पिछले सालों में आसाराम की तस्वीरें अक्सर कमजोर दिखाती थीं. वे व्हीलचेयर पर बैठे या किसी के सहारे चलते नजर आते थे. डॉक्टरों की रिपोर्ट में हृदय और अन्य बीमारियां बताई जाती थीं. कोर्ट भी इन्हीं आधार पर जमानत देता रहा. लेकिन इस बार की तस्वीरें अलग हैं.
जोधपुर के एक अस्पताल में इलाज के बाद वे खुद पैरों पर खड़े होकर गाड़ी तक पहुंचे.सीढ़ियां उतरते हुए वे पूरी तरह फिट लग रहे थे. व्हीलचेयर कहीं नहीं दिखी. यह दृश्य देखकर उनके अनुयायी बहुत खुश हैं. आश्रम के बाहर समर्थकों की भीड़ जमा हो गई. वे नारे लगा रहे थे और फूल बरसा रहे थे. आसाराम ने हाथ हिलाकर सबका अभिवादन किया. उनके चेहरे की चमक साफ झलक रही थी.
आसाराम का मामला लंबे समय से सुर्खियों में रहा है. उनके कई आश्रम देशभर में हैं. लाखों अनुयायी उन्हें पूजते हैं. जेल जाने के बाद भी समर्थन कम नहीं हुआ. हर जमानत पर उत्सव मनता है. इस बार भी आश्रम में तैयारी चल रही है. अनुयायी गुरुजी का स्वागत करने को बेताब हैं. जमानत की शर्तों में आसाराम को राजस्थान या गुजरात में रहना होगा. वे इलाज करवा सकते हैं, लेकिन कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं करेंगे. कोर्ट ने साफ कहा है कि छह महीने बाद फिर सुनवाई होगी. तब स्वास्थ्य की नई रिपोर्ट पेश की जाएगी.