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India Daily

CM मान के नेतृत्व में पुलिसिंग का नया 'विजन 2026' पेश; पंजाब पुलिस का टेक-ड्रिवन रोडमैप, रिस्पॉन्स टाइम 7 मिनट तक लाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की प्रतिबद्धता के अनुरूप पुलिसिंग को और अधिक सक्षम, जवाबदेह और पेशेवर बनाने की दिशा में पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज पंजाब पुलिस के लिए एक महत्वाकांक्षी और प्रौद्योगिकी-आधारित 'विजन 2026' की रूपरेखा प्रस्तुत की.

Anuj
Edited By: Anuj
CM मान के नेतृत्व में पुलिसिंग का नया 'विजन 2026' पेश; पंजाब पुलिस का टेक-ड्रिवन रोडमैप, रिस्पॉन्स टाइम 7 मिनट तक लाने का लक्ष्य

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की प्रतिबद्धता के अनुरूप पुलिसिंग को और अधिक सक्षम, जवाबदेह और पेशेवर बनाने की दिशा में पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज पंजाब पुलिस के लिए एक महत्वाकांक्षी और प्रौद्योगिकी-आधारित 'विजन 2026' की रूपरेखा प्रस्तुत की. यह विजन व्यापक आधारभूत ढांचा विकास और क्षमता निर्माण पर केंद्रित है.

इस विजन के अंतर्गत डायल 112 इमरजेंसी रिस्पांस स्पोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा. इसके तहत मोहाली में 52 करोड़ रुपये की लागत से डायल 112 सेंट्रल कंट्रोल रूम भवन स्थापित किया जाएगा तथा 50 करोड़ रुपये की लागत से नए वाहन खरीदे जाएंगे.

डीजीपी ने कहा कि हमारा लक्ष्य वर्तमान औसत रिस्पांस टाईम को 12–13 मिनट से घटाकर केवल 7–8 मिनट करना है. इसके साथ ही, पूरे पंजाब के जिला नियंत्रण कक्षों को 25 करोड़ रुपये के निवेश से अपग्रेड किया जा रहा है, ताकि निर्बाध समन्वय और किसी भी घटना का त्वरित प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके. यह पहल सीधे तौर पर प्रतिक्रिया समय घटाने के लक्ष्य में योगदान देगी.

डीजीपी गौरव यादव, जिनके साथ आईजीपी मुख्यालय सुखचैन सिंह गिल भी मौजूद थे, यहां पंजाब पुलिस के भविष्य के रोडमैप को साझा करने के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे.

डीजीपी ने बताया कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दूसरी सुरक्षा पंक्ति के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ 585 स्थानों पर 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिन पर 49.58 करोड़ रुपये की लागत आएगी. इससे पुलिस के कार्यों को और मजबूती मिलेगी.

उन्होंने कहा कि एंटी-ड्रोन सिस्टम (एडीएस) के बेड़े को मौजूदा तीन सक्रिय प्रणालियों से बढ़ाकर छह किया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से बाद में 10 और प्रणालियां खरीदी जाएंगी. इसके साथ ही ड्रोन रिस्पॉन्स टीमें (डीआरटी) भी तैनात की गई हैं और आने वाले वर्ष में ये टीमें ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) के सदस्यों के साथ समन्वय में कार्य करेंगी.

आधुनिकीकरण की इस निरंतर मुहिम को रेखांकित करते हुए डीजीपी ने बताया कि पंजाब सरकार ने पिछले तीन वर्षों में पंजाब पुलिस के आधुनिकीकरण पर 800 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं. उन्होंने कहा कि फील्ड में सभी एसपी रैंक के अधिकारियों को नए वाहन दिए गए हैं, साथ ही सभी पुलिस थानों और पुलिस चौकियों को भी नए वाहन उपलब्ध कराए गए हैं.

उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार ने अगले तीन वर्षों में 426 करोड़ रुपये की लागत वाले मेगा पुलिस भवन परियोजना को मंजूरी दे दी है. इसमें मोहाली के फेज-4 में साइबर क्राइम डिवीजन के लिए नया मुख्यालय, नवांशहर और मलेरकोटला जिलों में नई पुलिस लाइनें तथा 11 नई पुलिस स्टेशन इमारतों का निर्माण शामिल है. इसके अलावा लुधियाना, फिरोजपुर और जालंधर में नए एएनटीएफ रेंज कार्यालय खोले जाएंगे तथा मौजूदा कार्यालयों को आधुनिक उपकरणों और फोरेंसिक टूल्स से अपग्रेड किया जाएगा.

डीजीपी ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के अनुसार पंजाब सरकार द्वारा गवाह संरक्षण योजना पहले ही अधिसूचित की जा चुकी है, जो सजा की दर में सुधार लाने में सहायक होगी. कार्यभार के आधार पर सभी थानों में नेटवर्क कनेक्टिविटी को 50 एमबीपीएस से बढ़ाकर 100 एमबीपीएस तक किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि एजीटीएफ ने पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (पीएआईएस 2.0) के माध्यम से अपनी तकनीकी क्षमताओं को और उन्नत किया है, जो अन्य अत्याधुनिक विशेषताओं के साथ-साथ अब वॉयस एनालिसिस में भी सक्षम है. इसके साथ ही संगठित अपराध सूचना प्रणाली (ओसीआईएस) को अपराध रिकॉर्ड प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए और अपग्रेड किया जा रहा है.

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब पुलिस संगठित अपराधियों को फर्जी विवरणों के आधार पर पासपोर्ट प्राप्त कराने या उसमें सहायता देने में शामिल ट्रैवल एजेंटों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जांच पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी.

उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने के लिए समर्पित ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा थाने स्थापित किए जाएंगे. इन थानों को शहरों के सीसीटीवी फीड और अनुकूली ट्रैफिक सिग्नलों के माध्यम से वास्तविक समय की निगरानी के लिए एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसी3) से जोड़ा जाएगा.