पंजाब के महत्वाकांक्षी एयरोट्रोपोलिस परियोजना को गति देने के लिए ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है. इस परियोजना के तहत प्रभावित किसानों और भूमि मालिकों को सिर्फ नकद मुआवजा ही नहीं, बल्कि कई अतिरिक्त सुविधाएं देने की भी घोषणा की गई है. गमाडा का दावा है कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम-2013 के तहत किसानों को बाजार मूल्य से कहीं अधिक मुआवजा दिया जाएगा.
गमाडा ने पात्र भूमि मालिकों के लिए दो विकल्प तय किए हैं. पहले विकल्प के तहत यदि कोई किसान लैंड पूलिंग योजना चुनता है और उसे विकसित प्लॉट मिलता है, तो उस प्लॉट की रजिस्ट्री या कन्वेयंस डीड पर किसी प्रकार की स्टांप ड्यूटी या अन्य शुल्क नहीं लिया जाएगा. दूसरे विकल्प में यदि भूमि मालिक पंजाब में कहीं और जमीन खरीदना चाहता है, तो अधिग्रहित जमीन की कलेक्टर दर के आधार पर स्टांप ड्यूटी में छूट दी जाएगी. इसके लिए राजस्व विभाग अलग से दिशा-निर्देश जारी करेगा.
गमाडा ने यह भी घोषणा की है कि पात्र किसानों को प्राथमिकता के आधार पर ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा. सहूलियत प्रमाणपत्र जमा करने के बाद पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) दो महीने के भीतर प्राथमिकता के आधार पर बिजली कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया पूरी करेगा.
अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि मुआवजे का भुगतान जमाबंदी और इंतकाल में दर्ज हिस्सेदारी के अनुसार सीधे भूमि मालिकों के बैंक खातों में किया जाएगा. यदि जमीन पर किसी बैंक का ऋण या अन्य वित्तीय देनदारी होगी, तो पहले उसका भुगतान किया जाएगा. इसके बाद बची हुई राशि संबंधित भूमि मालिक को मिलेगी. यदि स्वामित्व या मुआवजे को लेकर कोई विवाद होता है, तो मामला भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन प्राधिकरण के पास भेजा जाएगा.
परियोजना से प्रभावित पात्र परिवारों को पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना के तहत प्रति परिवार 5 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता और 50 हजार रुपये पुनर्स्थापन भत्ता दिया जाएगा. इसके अलावा परिवार के सदस्यों को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसरों से जोड़ने की भी योजना बनाई गई है. हालांकि गमाडा ने स्पष्ट किया है कि जो भूमि मालिक लैंड पूलिंग नीति का विकल्प चुनेंगे, उन्हें पुनर्वास योजना के तहत मिलने वाले नकद लाभ नहीं दिए जाएंगे.