पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को और प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने 'सूरमा' अभियान को जनभागीदारी का नया माध्यम बताया है. इस अभियान का उद्देश्य केवल नशा छुड़वाना नहीं, बल्कि उन युवाओं को समाज के सामने उदाहरण बनाना भी है जिन्होंने नशे की गिरफ्त से बाहर निकलकर नई जिंदगी शुरू की है. सरकार का मानना है कि ऐसे युवाओं की प्रेरक कहानियां दूसरे लोगों के भीतर भी बदलाव की उम्मीद जगाएंगी और समाज को नशामुक्त बनाने में मदद करेंगी.
कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शुरू किया गया 'सूरमा' अभियान नशे के खिलाफ लड़ाई को नई दिशा दे रहा है. उन्होंने कहा कि पंजाब अब नशामुक्त और खुशहाल राज्य बनने की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है. अभियान के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने नशे की लत छोड़कर सामान्य जीवन की ओर कदम बढ़ाए हैं. उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज, परिवारों और युवाओं की सामूहिक भागीदारी से संभव हुआ है. इसी साझी जिम्मेदारी ने इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देना शुरू कर दिया है.
ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਤਹਿਤ ਮੁਹਿੰਮ 'ਸੂਰਮਾ' ਦੀ CM ਮਾਨ ਨੇ ਕੀਤੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ !!
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 27, 2026
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਮੁੰਡੀਆਂ ਨੇ ਕੀਤਾ ਸੰਬੋਧਨ
ਕਿਹਾ, ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਪੰਜਾਬ ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤ ਅਤੇ ਰੰਗਲਾ ਪੰਜਾਬ ਬਣਨ ਦੀ ਲੀਹ 'ਤੇ ਜਾ ਚੜ੍ਹਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਹੁਣ ਤੱਕ ਸੈਕੜੇ ਨੌਜਵਾਨ ਨਸ਼ੇ ਛੱਡ ਕੇ ਸਿੱਧੇ ਰਾਹ ਪਏ… pic.twitter.com/klR2JBvDsY
वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि 'सूरमा' अभियान नशे की जड़ों को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि जिस तरह किसी गंभीर बीमारी से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके व्यक्ति को देखकर मरीज के भीतर उम्मीद पैदा होती है, उसी तरह नशे से बाहर निकल चुके युवा भी दूसरों के लिए प्रेरणा बनेंगे. ऐसे उदाहरण नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाएंगे, जिससे वे भी इस बुराई को छोड़कर सम्मानजनक और सामान्य जीवन की ओर लौटने का साहस जुटा सकेंगे.
ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਜੜ੍ਹੋਂ ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤੀ ਵਿੱਚ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਉਣਗੇ 'ਸੂਰਮੇ!'
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ਇੱਕ ਸਾਬਕਾ ਮਰੀਜ਼ ਨੂੰ ਤੰਦਰੁਸਤ ਹੋਇਆ ਦੇਖ ਜਿਵੇਂ ਇੱਕ ਮੌਜੂਦਾ ਮਰੀਜ਼ ਨੂੰ ਹਿੰਮਤ ਮਿਲਦੀ ਹੈ, ਉਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਜਦੋਂ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਜਕੜ 'ਚ ਫਸੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਦਲਦਲ ਵਿੱਚੋਂ ਨਿੱਕਲ ਚੁੱਕੇ ਨੌਜਵਾਨ ਪ੍ਰੇਰਨਾ ਦੇਣਗੇ ਤਾਂ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਹੌਸਲਾ ਦੁੱਗਣਾ ਹੋਵੇਗਾ ਅਤੇ ਉਹ ਨਸ਼ੇ… pic.twitter.com/hWEqZdPWji
सरकार का कहना है कि यह अभियान सामाजिक सोच में भी बड़ा बदलाव लेकर आएगा. पहले जहां नशे की लत में फंसे लोग एक-दूसरे को इस दलदल की ओर धकेलते थे, वहीं अब नशा छोड़ चुके युवा अपने साथियों का हाथ पकड़कर उन्हें नई राह दिखाएंगे. इससे आपसी सहयोग और विश्वास का ऐसा माहौल बनेगा, जिसमें युवा एक-दूसरे को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे. सरकार को उम्मीद है कि यह मॉडल आने वाले समय में नशा विरोधी अभियान को और मजबूत बनाएगा तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई मिसाल स्थापित करेगा.
राज्य सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि इसके लिए सामाजिक जागरूकता, पुनर्वास और सामुदायिक सहयोग भी उतना ही जरूरी है. 'सूरमा' अभियान इन्हीं तीनों पहलुओं को जोड़ने का प्रयास है. सरकार का दावा है कि यदि समाज, परिवार और युवा मिलकर इस पहल को आगे बढ़ाते रहे तो पंजाब को नशामुक्त और खुशहाल बनाने का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकेगा. इसी विश्वास के साथ अभियान को राज्यभर में व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है.