पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में नशामुक्ति अभियान को नई दिशा देने के लिए ‘सूरमा मुहिम’ की शुरुआत की. इस अवसर पर उन्होंने नशे की गिरफ्त से बाहर आकर नई जिंदगी शुरू करने वाले युवाओं का सम्मान किया और उन्हें समाज के लिए प्रेरणा बताया.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ‘सूरमा मुहिम’ का उद्देश्य उन युवाओं को सम्मान देना है जिन्होंने नशे को छोड़कर नई शुरुआत की है. उन्होंने कहा कि ऐसे युवा समाज में सकारात्मक बदलाव के प्रतीक हैं. सरकार इन्हें केवल सम्मान ही नहीं देगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगी ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और दूसरों को भी प्रेरित कर सकें.
ਅੱਜ 'ਸੂਰਮਾ ਮੁਹਿੰਮ' ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੀਤੀ.. ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਦਲਦਲ ਚੋਂ ਨਿਕਲ ਕੇ ਨਵੀਂ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦਾ ਸਨਮਾਨ ਕੀਤਾ... ਹੋਰਾਂ ਲਈ ਰੋਲ ਮਾਡਲ ਬਣੇ ਇਹਨਾਂ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਵੀ ਦੇਵੇਗੀ...
ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਲਈ 15 ਜੁਲਾਈ ਤੱਕ 3100 ਨਵੇਂ ਗਰਾਊਂਡ ਤੇ 3000 ਜਿੰਮ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਣਗੇ... ਅੱਜ ਪੰਜਾਬ ਸਿੱਖਿਆ 'ਚ… pic.twitter.com/Lona3QxQHt— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) June 27, 2026Also Read
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में युवाओं को खेलों की ओर प्रोत्साहित करने के लिए बड़े स्तर पर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि 15 जुलाई तक 3100 नए खेल मैदान और 3000 जिम तैयार कर दिए जाएंगे. इससे युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाने का अवसर मिलेगा.
भगवंत मान ने दावा किया कि आज पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर पहुंच चुका है. उन्होंने यह भी बताया कि 47 लाख परिवारों के लिए 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज वाले स्वास्थ्य कार्ड तैयार किए जा चुके हैं. सरकार का लक्ष्य लोगों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा फोर्स के काम की सराहना करते हुए कहा कि इसके प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत की कमी आई है. उनके अनुसार इससे हर वर्ष करीब 2700 लोगों की जान बच रही है. उन्होंने कहा कि साफ नीयत और सामूहिक प्रयासों से ‘रंगला पंजाब’ का सपना साकार किया जा सकता है.