29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब में होने वाली पेशी से ठीक पहले आम आदमी पार्टी ने शनिवार 28 जून को अमृतसर में एक अहम बैठक बुलाई है. इस बैठक में पार्टी के सभी मंत्री और विधायक शामिल होंगे और मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद इसकी अगुवाई करेंगे. माना जा रहा है कि इसी बैठक में पार्टी अपना साझा रुख तय करेगी.
अकाल तख्त साहिब सचिवालय ने आम आदमी पार्टी के सिख विधायकों और मंत्रियों को 29 जून को हाजिर होने के लिए पत्र भेजे हैं. हालांकि मुख्यमंत्री भगवंत मान को कोई औपचारिक बुलावा नहीं आया है, फिर भी उन्होंने खुद कहा है कि अगर अकाल तख्त साहिब की तरफ से बुलाया गया तो वे पूरे आदर और सम्मान के साथ वहां जरूर पहुंचेंगे. पार्टी के भीतर इस पूरे मामले को लेकर एक सतर्कता का माहौल है और ज्यादातर नेताओं ने अब तक सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से परहेज किया है.
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के अधिकतर सिख विधायक इस धार्मिक मुद्दे पर किसी भी तरह की राजनीतिक बहस में नहीं पड़ना चाहते. पार्टी के भीतर यह सोच मजबूत है कि अकाल तख्त साहिब के निर्देशों का पूरे सम्मान के साथ पालन किया जाए. यही वजह है कि बैठक को इतना अहम माना जा रहा है. इसके बाद ही पार्टी अपने आधिकारिक रुख का ऐलान कर सकती है और यह तय हो सकेगा कि 29 जून को कौन-कौन से नेता अकाल तख्त साहिब में पेश होंगे.
AAP अभी सोच-समझकर कदम रख रही है. वहीं विपक्षी दलों ने पहले ही अपना फैसला सुना दिया है. शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस के नेताओं ने साफ कहा है कि वे 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब में जरूर पहुंचेंगे. विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, विधायक परगट सिंह और राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि अकाल तख्त साहिब सिख समुदाय का सर्वोच्च धार्मिक स्थान है और वे एक आम श्रद्धालु की तरह वहां हाजिरी देंगे.