एमबाप्पे बनाम हालैंड की रोमांचक टक्कर के पोस्टर के साथ यह मैच शुरू हुआ था. जब मैच खत्म हुआ तो चर्चा सिर्फ एक नाम की थी और वह था उस्मान डेम्बेले. फ्रांस ने नॉर्वे को एकतरफा अंदाज में 4-1 से रौंदते हुए ग्रुप I में तीन में से तीन मैच जीते और नॉकआउट दौर में अपनी जगह पक्की की.
फ्रांस की शुरुआत से ही नॉर्वे के डिफेंस पर दबाव था. एमबाप्पे की चालाक मूवमेंट और माइकल ओलिसे की पैनी नजर ने मौके बनाए लेकिन डेम्बेले ने असली कहर ढाया. उन्होंने पहले गोल से बढ़त दिलाई. फिर दूसरे शानदार फिनिश से स्कोर दोगुना किया और तीसरा गोल बाएं पैर से ऐसे सटीक शॉट से किया जो देखने वालों की आंखें खुली की खुली रह गईं. महज बत्तीस मिनट में हैट्रिक पूरी करके वे इस वर्ल्ड कप में मेसी और जोनाथन डेविड के बाद यह कारनामा करने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए.
नॉर्वे के लिए यह मैच कई सवाल छोड़ गया. हालैंड और ओडेगार्ड जैसे बड़े नाम बेंच पर बैठे रहे, जबकि यह उनके टूर्नामेंट का सबसे जरूरी मुकाबला था. दूसरे हाफ में नॉर्वे ने वापसी की कोशिश की, थेलो आसगार्ड ने गोल भी किया और स्ट्रैंड लार्सन को पेनल्टी का मौका भी मिला लेकिन फ्रांस के गोलकीपर माइक मैगनन ने उसे बचा लिया. उस एक बचाव ने नॉर्वे की वापसी की उम्मीद लगभग खत्म कर दी और यह साबित कर दिया कि बड़े खिलाड़ियों को बेंच पर बिठाना सही नहीं था.
चौथा गोल फ्रांस की टीम की ताकत को और उजागर कर गया. ब्रैडली बारकोला और डेसिरे डौए के बीच शानदार तालमेल हुआ और डौए के देर से किए गए हेडर ने तीन गोल की बढ़त फिर से बना दी. कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने पहले से क्वालीफाई होने के बावजूद पूरी ताकत से टीम उतारी और नतीजा शानदार रहा.