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किसके सिर सजेगा ताज? पंजाब यूनिवर्सिटी के चुनावी रण में घमासान, आज वोट से होगा फैसला

पंजाब यूनिवर्सिटी समेत 11 कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव के लिए सोमवार को मतदान हो रहा है. कुल 16,468 छात्र मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
किसके सिर सजेगा ताज? पंजाब यूनिवर्सिटी के चुनावी रण में घमासान, आज वोट से होगा फैसला
Courtesy: Pinterest

चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी समेत चंडीगढ़ के 11 कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव के लिए सोमवार को मतदान हो रहा है. इस बार चुनावी मुकाबला काफी रोचक बना हुआ है. अध्यक्ष पद समेत विभिन्न पदों के लिए कुल 16 प्रत्याशी मैदान में हैं. करीब 16,468 छात्र अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर पीयू छात्रसंघ के नए पदाधिकारियों का चुनाव करेंगे.

पंजाब यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष पद के लिए आदिल बराड़, अंकित बिढान, दर्शनप्रीत सिंह और गुरमन सिंह सिद्धू मैदान में हैं. आदिल बराड़ एएसएपी से, अंकित बिढान एबीवीपी से, दर्शनप्रीत सिंह सथ से और गुरमन सिंह सिद्धू एनएसयूआई से चुनाव लड़ रहे हैं.

कितने हैं उम्मीदवार?

अध्यक्ष पद पर चार उम्मीदवार होने के बावजूद चुनावी माहौल में मुकाबला मुख्य रूप से त्रिकोणीय माना जा रहा है. अलग अलग छात्र संगठनों ने पिछले कई दिनों से अपने उम्मीदवारों के समर्थन में जोरदार प्रचार किया है. अब मतदाताओं के फैसले से साफ होगा कि किस उम्मीदवार के सिर छात्रसंघ अध्यक्ष का ताज सजेगा.

कितने छात्र करेंगे मतदान?

पीयू प्रशासन के अनुसार इस बार कुल 16,468 छात्र मतदान करेंगे. इनमें करीब 9,000 छात्राएं, 7,467 छात्र और एक ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं. मतदान के लिए विश्वविद्यालय के 60 विभागों में 191 बूथ बनाए गए हैं. पिछले साल 171 मतदान केंद्र बनाए गए थे. इस बार मतदान केंद्रों की संख्या में 20 की बढ़ोतरी की गई है.

पीयू प्रशासन ने छात्रों को सुबह 9 बजे से पहले अपने संबंधित विभागों में पहुंचने के निर्देश दिए हैं. चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन और चंडीगढ़ पुलिस ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. कैंपस का एक नंबर गेट बंद रहेगा, जबकि अन्य गेट खुले रहेंगे.

अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत चार पदों पर चुनाव

पीयू चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए चार, उपाध्यक्ष पद के लिए पांच, सचिव पद के लिए तीन और संयुक्त सचिव पद के लिए चार उम्मीदवार मैदान में हैं. कुल उम्मीदवारों में चार महिला प्रत्याशी भी शामिल हैं. इनमें उपाध्यक्ष पद के लिए दो और सचिव तथा संयुक्त सचिव पद के लिए एक एक महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रही हैं.

गठबंधन से बदल सकते हैं चुनावी समीकरण

इस बार किसी भी छात्र संगठन ने चारों प्रमुख पदों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं. ऐसे में चुनाव के बाद गठबंधन की राजनीति महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. अलग अलग संगठनों के बीच संभावित गठजोड़ से चुनावी समीकरण बदलने की संभावना बनी हुई है.

20 तारीख को चुनाव की घोषणा के बाद छात्र संगठनों ने प्रचार शुरू किया था. 24 तारीख को नामांकन हुआ और 25 तारीख को नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी हुई. करीब 10 दिनों तक चले प्रचार अभियान में छात्र संगठनों ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी.

अब मतदान के बाद होने वाली मतगणना से तय होगा कि पीयू छात्रसंघ की कमान किसके हाथ में जाएगी. छात्रों के वोट से इस बार का चुनावी सिकंदर कौन बनेगा, इसका जवाब आज सामने आ जाएगा.