चंडीगढ़: चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है. ABVP के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अंकित बिढान की पात्रता और नामांकन पर आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए हैं. AAP के विधायक और चुनाव प्रभारी अमृतपाल सिंह सुखानंद ने दावा किया कि नामांकन में छह खामियां सामने आई हैं, फिर भी उसे रद्द नहीं किया गया. उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की जांच की मांग की है. कार्रवाई नहीं होने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी गई है.
अमृतपाल सिंह सुखानंद ने रविवार को आरोप लगाया कि अंकित बिढान के नामांकन दस्तावेजों में अब तक छह आपत्तिजनक बिंदु सामने आए हैं. इसके बावजूद उनका नामांकन स्वीकार किया गया है. AAP नेता का कहना है कि चुनाव लड़ने की पात्रता से जुड़े नियमों के तहत दस्तावेजों की गहन जांच होनी चाहिए थी. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उम्मीदवार विश्वविद्यालय के नियमों के मुताबिक योग्य नहीं है, तो उसका नामांकन स्वीकार करने का आधार क्या था.
AAP नेता ने आरोप लगाया कि अंकित बिढान को नकल करते पकड़े जाने के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी ने दो साल के लिए प्रतिबंधित किया था. इसके अलावा उन्होंने सेक्टर-11 में मारपीट से जुड़े एक मामले का भी दावा किया. इन आरोपों के आधार पर उन्होंने उम्मीदवार की पात्रता पर सवाल उठाए हैं. हालांकि, ये आरोप AAP नेता की ओर से लगाए गए हैं और उपलब्ध जानकारी में विश्वविद्यालय या उम्मीदवार की ओर से इन दावों पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है.
सुखानंद ने अंकित बिढान की साबरमती यूनिवर्सिटी से जुड़ी डिग्री की मान्यता की जांच की मांग भी की है. उनका कहना है कि चुनाव लड़ने के लिए निर्धारित शैक्षणिक और अन्य शर्तों को पूरा करना जरूरी है. उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से यह स्पष्ट करने को कहा कि उम्मीदवार की डिग्री नियमों के अनुरूप मान्य है या नहीं. AAP का आरोप है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान संबंधित दस्तावेजों की पर्याप्त जांच नहीं की गई.
AAP के अनुसार इन आपत्तियों को लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन को लिखित शिकायत दी जा चुकी है. सुखानंद ने मांग की है कि प्रशासन सभी बिंदुओं की स्वतंत्र रूप से जांच करे और यदि उम्मीदवार नियमों के तहत अयोग्य पाया जाता है, तो उसका नामांकन रद्द किया जाए. उनका कहना है कि छात्रसंघ चुनाव में निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है. इसी वजह से उन्होंने विश्वविद्यालय से मामले पर स्पष्ट और नियमों के अनुसार फैसला लेने की मांग की है.
अमृतपाल सिंह सुखानंद ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन शिकायत पर कार्रवाई नहीं करता है, तो आम आदमी पार्टी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करेगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय प्रशासन शिकायत में उठाए गए मुद्दों की जांच करेगा. फिलहाल विवाद अंकित बिढान की पात्रता, नामांकन दस्तावेजों और चुनावी नियमों के पालन को लेकर है. आगे की तस्वीर विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच और उसके फैसले के बाद साफ होगी.