फिरोजपुर: पंजाब के फिरोजपुर के मलवाल कदियां गांव के रहने वाले पंजाब पुलिस कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह की जिंदगी अचानक बदल गई. 28 वर्षीय गुरप्रीत ने 24 अगस्त को पिता के साथ बाजार जाते समय सामान्य तौर पर 500 रुपये की राखी बंपर लॉटरी टिकट खरीदी थी. पिता ने उन्हें टिकट लेने से भी रोका था. लेकिन कुछ दिनों बाद यही टिकट 7 करोड़ रुपये का पहला इनाम जीत गई. गुरप्रीत फिलहाल पंजाब पुलिस की 112 इमरजेंसी सेवा में तैनात हैं.
रविवार सुबह गुरप्रीत गुरुद्वारा साहिब में सेवा कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें अपनी लॉटरी टिकट के पहले इनाम जीतने की जानकारी मिली. खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई. गुरप्रीत ने बताया कि उन्होंने टिकट केवल सामान्य तरीके से खरीदी थी और उन्हें जरा भी उम्मीद नहीं थी कि इससे इतनी बड़ी रकम मिलेगी. उनके लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है.
गुरप्रीत सिंह वर्ष 2022 में पंजाब पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे. फिलहाल उनकी ड्यूटी 112 इमरजेंसी सेवा में है. वह एक साधारण परिवार से आते हैं. उनके पिता दर्शन सिंह रेलवे में ट्रेन गार्ड रह चुके हैं और 2019 में सेवानिवृत्त हुए. गुरप्रीत चार भाई-बहनों में से एक हैं. उनकी दो बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि परिवार में उनका एक भाई भी है.
गुरप्रीत ने यह टिकट उधम सिंह चौक स्थित एक अधिकृत लॉटरी एजेंसी से खरीदी थी. एजेंसी संचालक के मुताबिक टिकट नंबर A 61279 पर 7 करोड़ रुपये का पहला इनाम निकला है. इस जीत के बाद एजेंसी में भी जश्न का माहौल है. संचालक ने दावा किया कि बॉर्डर इलाके में पहली बार किसी व्यक्ति ने इतनी बड़ी लॉटरी राशि जीती है. इससे एक दिन पहले भी इसी दुकान से 21 लाख रुपये का इनाम निकला था.
पंजाब में ऑनलाइन लॉटरी पर पूरी तरह प्रतिबंध है. राज्य का लॉटरी विभाग ऑनलाइन टिकट बेचने या संचालित करने का काम नहीं करता. विभाग लोगों को केवल असली टिकट अधिकृत विक्रेताओं से खरीदने की सलाह देता है. फोटो या ऑनलाइन कॉपी वाला टिकट मान्य नहीं माना जाता. विभाग विजेताओं से ऑनलाइन भुगतान या टैक्स के नाम पर पैसे नहीं मांगता. किसी संदिग्ध संदेश या ठगी की स्थिति में पुलिस से शिकायत करने की सलाह दी गई है.
गुरप्रीत के मुताबिक 24 अगस्त को बाजार जाते समय उनके पिता ने लॉटरी टिकट खरीदने से मना किया था. उनका मानना था कि लॉटरी में कोई फायदा नहीं होता. गुरप्रीत ने फिर भी 500 रुपये का टिकट खरीद लिया. कुछ दिनों बाद वही टिकट 7 करोड़ रुपये की विजेता निकली. अचानक मिली इस बड़ी जीत ने परिवार की जिंदगी में खुशी ला दी है. अब गुरप्रीत की यह कहानी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.