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India Daily

40 हजार में देश से गद्दारी! हाईवे पर कैमरा लगाकर पाकिस्तान भेज रहा था सेना की जानकारी, शख्स गिरफ्तार

पंजाब के पठानकोट में पुलिस ने एक संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया है. आरोप है कि एक व्यक्ति ने हाईवे किनारे सीसीटीवी कैमरा लगाकर सेना और अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों की फुटेज पाकिस्तान भेजी.

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Edited By: Reepu Kumari
40 हजार में देश से गद्दारी! हाईवे पर कैमरा लगाकर पाकिस्तान भेज रहा था सेना की जानकारी, शख्स गिरफ्तार
Courtesy: Pinterest

पठानकोट: पंजाब के पठानकोट में पुलिस ने एक संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. पुलिस के अनुसार भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों से जुड़ी कई अहम जानकारी पाकिस्तान में बैठे अपने आका को भेज रहा था. हालांकि आरोपी की गिरफ्तारी हो गई है. 

पुलिस ने खबर एजेंसी एएनआई को बताया कि चक्क धारीवाल गांव के निवासी बलजीत सिंह उर्फ ​​बिट्टू ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के पठानकोट-जम्मू खंड पर एक पुल के पास एक दुकान में सीसीटीवी कैमरा लगाया था.  मकसद कथित तौर पर सेना और अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों पर नजर रखना था.

अहम जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था 

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि निगरानी का डेटा इलेक्ट्रॉनिक रूप से पाकिस्तान और विदेशों में तैनात पुलिसकर्मियों को भेजा गया था. पूछताछ के दौरान, सिंह ने स्वीकार किया कि उसने जनवरी में सुजानपुर के पास राजमार्ग पर एक दुकान में इंटरनेट आधारित सीसीटीवी कैमरा लगाया था.

वह दुबई में एक अज्ञात व्यक्ति से दिशा-निर्देश भी प्राप्त कर रहा था. उसे 40,000 रुपये दिए गए थे.उसके पास से एक सीसीटीवी कैमरा और एक इंटरनेट वाईफाई राउटर बरामद किया गया.

चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस ने यह कार्रवाई तब की जब उन्हें राजमार्ग के पठानकोट-जम्मू खंड पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली. इसके बाद सुजानपुर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया. सिंह के अलावा, विक्रमजीत सिंह उर्फ ​​विक्का, बलविंदर सिंह उर्फ ​​विक्की और तरनप्रीत सिंह उर्फ ​​तनु के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था. पुलिस ने बताया कि आरोपी आपराधिक और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल थे.

अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों को एक विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है. नेटवर्क के सीमा पार संबंधों का पता लगाने और कथित जासूसी के पीछे के वित्तपोषण के स्रोत का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है. बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी जारी है.

पंजाब में जासूसी मॉड्यूल

पंजाब पुलिस ने पिछले महीने पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) समर्थित दो जासूसी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था, जो संवेदनशील सैन्य ठिकानों की लाइव फीड पाकिस्तान स्थित संचालकों को भेजने के लिए चीन में निर्मित उच्च तकनीक वाले सौर ऊर्जा से चलने वाले सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल कर रहे थे.

एक गिरोह का भंडाफोड़

जालंधर में काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने एक गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसमें एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से चीन निर्मित सीसीटीवी कैमरा और 4जी कनेक्टिविटी वाली यूएसबी-कनेक्टेड सोलर प्लेट बरामद की गई. कपूरथला पुलिस ने एक केंद्रीय एजेंसी के साथ संयुक्त अभियान में दूसरे मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और विदेशी संचालकों से जुड़े चार मोबाइल फोन, साथ ही एक सिम आधारित सीसीटीवी कैमरा और एक वाईफाई सेट बरामद किया गया.

CCTV कैमरे स्थापित

पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने कहा कि ये मॉड्यूल रक्षा बलों से जुड़े प्रतिष्ठानों सहित संवेदनशील स्थलों की निगरानी के लिए विभिन्न स्थानों पर रणनीतिक रूप से सिम-आधारित और सौर ऊर्जा से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर रहे हैं और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से पाकिस्तान स्थित संचालकों को लाइव फुटेज भेज रहे हैं.

उन्होंने कहा, 'ये चीनी कैमरे ऑफ-ग्रिड निगरानी के लिए आदर्श हैं क्योंकि ये 4जी कनेक्टिविटी और सौर ऊर्जा के माध्यम से संचालित होते हैं, जिससे पारंपरिक वायरिंग की आवश्यकता नहीं होती है.'

गिरफ्तार आरोपी की पहचान

खुफिया अभियान में गिरफ्तार आरोपी की पहचान फिरोजपुर के सहंके गांव के निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ ​​सुखा के रूप में हुई है. कपूरथला पुलिस द्वारा चलाए गए दूसरे अभियान में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान फिरोजपुर के डोना मटर निवासी सोना और फिरोजपुर के छंगा खुर्द गांव निवासी संदीप सिंह उर्फ ​​सोनू के रूप में हुई.

जालंधर के सहायक पुलिस महानिरीक्षक, काउंटर इंटेलिजेंस, सिमरतपाल सिंह ढिंडसा ने जालंधर ऑपरेशन का विवरण साझा करते हुए बताया कि सुखविंदर सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक सीसीटीवी कैमरा, एक सोलर प्लेट और एक सिम कार्ड बरामद किया है.

एक दुकान पर छापा

कपूरथला मॉड्यूल के बारे में जानकारी देते हुए, कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव तोरा ने कहा कि आर्मी कैंट के पास निगरानी से संबंधित गुप्त सूचना के आधार पर, कपूरथला के मॉडल टाउन में एक दुकान पर छापा मारा गया.

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पास के एक खंभे पर सिम आधारित कैमरा लगाने के लिए दुकान किराए पर ली थी.

कैमरे लगाने को मिले थे पैसे 

तोरा ने कहा 'जांच में यह भी पता चला है कि पाकिस्तान स्थित एक हैंडलर, जिसकी पहचान 'फौजी' के रूप में हुई है. कैमरे लगाने के लिए आरोपी को 35,000 रुपये दिए थे'.

उन्होंने कहा कि आरोपी संदीप ड्रग तस्करी में भी शामिल था, और उसने उसी पाकिस्तानी हैंडलर द्वारा ड्रोन के माध्यम से भेजी गई एक किलोग्राम हेरोइन को वितरित करने के लिए 50,000 रुपये प्राप्त किए थे.