मोगा के थाना कोट ईसे खां की तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर सुनीता बावा को पंजाब पुलिस सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है. उन्हें 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में 26 सितंबर को विजिलेंस ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदाले ने बर्खास्तगी के आदेश जारी किए. आदेश के बाद सुनीता बावा को पंजाब पुलिस सेवा से तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है.
जानकारी के अनुसार विजिलेंस ब्यूरो को सुनीता बावा के खिलाफ रिश्वत मांगने संबंधी शिकायत मिली थी. शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने कार्रवाई की और तत्कालीन थाना कोट ईसे खां प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता बावा को कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की.
सुनीता बावा की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आने के बाद मामला पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया. विभागीय स्तर पर मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई. फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदाले ने मामले में बर्खास्तगी के आदेश जारी किए. आदेश के मुताबिक इंस्पेक्टर सुनीता बावा को पंजाब पुलिस सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है.
Inspector Sunita Rani, who was arrested last week in a bribery case, had said with a smile, “All is well.”
Today, the IG Faridkot Range dismissed Inspector Sunita Rani from service.
📸 Photo: @MogaPolice#PunjabPolice #Moga #PunjabNews pic.twitter.com/YvPF7cfrga— Avtar Gill (@avtarani) October 1, 2026Also Read
बर्खास्तगी की कार्रवाई के बाद विजिलेंस ब्यूरो की जांच आगे जारी रहेगी. रिश्वत मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया भी अपने स्तर पर आगे बढ़ेगी. पुलिस अधिकारी के खिलाफ रिश्वत के आरोप में गिरफ्तारी और इसके बाद सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई ने विभागीय स्तर पर मामले को गंभीर बना दिया है. हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा.