पूरे उत्तर भारत के साथ पंजाब में भीषण गर्मी और लू का खतरा लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने गर्मी को देखते हुए एडवायजरी जारी की है और विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. बलवीर सिंह ने कहा कि सूबे में हीटवेव से निपटने की जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं. उन्होंने कहा कि लोगों का स्वास्थ्य सरकार की सबसे पहली और बड़ी प्राथमिकता है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा गया है.
भीषण गर्मी को देखते हुए शासन से सभी जिला, सब-डिवीजन और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि हीट स्ट्रोक से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को ओपीडी में आने वाले मरीजों को जागरुक करें और साथ ही राउंड द क्लॉक हीट स्ट्रोक के उपचार की व्यवस्था सभी असपतालों में उपलब्ध रखी जाए. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में हीट स्ट्रोक के अलावा दिल और सांस संबंधी मरीजों को भी परेशानी बढ़ने का खतरा रहता है. लोगों को जागरूक करने के साथ ही समय पर जरूरी उपचार उपलब्ध कराया जाए.
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया गर्मी को देखते हुए जरूरी दवाओं के अलावा सभी अस्पतालों में ओआरएस और आपातकालीन दवाईयों के पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश देने के साथ ही एंबुलेंस सेवाओं को अलर्ट किया गया है. हीट स्ट्रोक के मरीजों को लाने ले जाने के लिए एंबुलेंस में सभी जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इसके साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को आईएचआईपी पोर्टल पर हीट स्ट्रोक मामले अपडेट किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई एडवायजरी में कहा गया है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, खासकर बच्चों और बुजुर्गो को इस मामले में बेहद सावधान रहने की जरूरत है. लगातार पानी पीते रहें. ओआरएस, लस्सी और नींबू पानी स्ट्रोक से बचने का बेहतर उपाय हैं. हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। धूप में निकलें तो सिर पर कपड़ा जरूर रखें.