पंजाब में गिरते भूजल स्तर को रोकने के लिए सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और वर्षा जल संरक्षण पर जोर दिया है. कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि नहरों का विस्तार, रिचार्ज परियोजनाएं और नई जल योजनाएं किसानों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भूजल संरक्षण से जुड़े प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य में खेतों तक अधिक से अधिक नहरी पानी पहुंचाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि खालों और रजवाहों को पक्का बनाया जा रहा है तथा पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है. इसका उद्देश्य सिंचाई के लिए भूमिगत जल पर निर्भरता कम करना और किसानों को नहरों के माध्यम से पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है.
मंत्री ने कहा कि सरकार की जल संरक्षण योजनाओं का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है. उनके अनुसार पंजाब के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर लगभग पांच मीटर तक ऊपर आया है. उन्होंने इसे जल प्रबंधन और सिंचाई सुधार से जुड़ी योजनाओं का परिणाम बताया. सरकार का मानना है कि यदि यही प्रयास लगातार जारी रहे, तो आने वाले वर्षों में भूजल संकट को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा.
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @HarpalCheemaMLA ਨੇ ਕੀਤਾ ਧਰਤੀ ਹੇਠਲੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸੰਭਾਲ ਸਬੰਧੀ ਮਤੇ ਦਾ ਸਮਰਥਨ !!
— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 6, 2026
👉🏻 ਕਿਹਾ, ਖਾਲ਼ੇ, ਰਜਵਾਹੇ ਪੱਕੇ ਕਰਕੇ ਅਤੇ ਪਾਈਪ ਲਾਈਨਾਂ ਦਾ ਜਾਲ਼ ਵਿਛਾ ਕੇ ਹਰ ਖੇਤ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ
👉🏻 ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕਈ ਜਗ੍ਹਾ ਧਰਤੀ ਹੇਠਲਾ ਪਾਣੀ 5 ਮੀਟਰ ਤੱਕ ਆਇਆ ਉੱਪਰ
👉🏻 ਜਲਦੀ ਮੁਕੰਮਲ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ… pic.twitter.com/gN8O9k1Ny7
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मालवा नहर परियोजना का काम जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे राज्य के कई इलाकों को सिंचाई का अतिरिक्त लाभ मिलेगा. इसके अलावा भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए 510 बड़े रिचार्ज कुओं को मंजूरी दी जा चुकी है. सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से वर्षा जल का बेहतर उपयोग होगा, जल संरक्षण मजबूत होगा और भविष्य में खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी.