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CM मान ने निभाया वादा, सतौज गांव से शुरू हुआ अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई प्रोजेक्ट

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपना एक महत्वपूर्ण वादा पूरा कर दिया है. सतौज गांव से शुरू किए गए अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई के पायलट प्रोजेक्ट ने राज्य के विकास में नया अध्याय जोड़ दिया है. यह परियोजना किसानों और आम लोगों दोनों के लिए राहत लेकर आई है.

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Edited By: Antima Pal
CM मान ने निभाया वादा, सतौज गांव से शुरू हुआ अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई प्रोजेक्ट
Courtesy: Pinterest

पंजाब: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपना एक महत्वपूर्ण वादा पूरा कर दिया है. सतौज गांव से शुरू किए गए अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई के पायलट प्रोजेक्ट ने राज्य के विकास में नया अध्याय जोड़ दिया है. यह परियोजना किसानों और आम लोगों दोनों के लिए राहत लेकर आई है.

CM मान ने निभाया वादा

पहले खेतों में बिजली के खंभे और तार लगे रहते थे. इनसे खेती में कई समस्याएं आती थीं. ट्रैक्टर चलाने में दिक्कत होती थी और कभी-कभी दुर्घटनाएं भी हो जाती थीं. अब अंडरग्राउंड सिस्टम के कारण ये खंभे हट गए हैं. किसानों को खुली जमीन मिल गई है और खेती आसान हो गई है.

सतौज गांव में शुरू हुई अंडरग्राउंड बिजली

इसके अलावा खराब मौसम में बिजली कटौती की समस्या भी काफी हद तक कम हो जाएगी. तूफान, भारी बारिश या तेज हवा में ओवरहेड तार अक्सर टूट जाते थे या गिर जाते थे. इससे घंटों या दिनों तक बिजली गुल रहती थी. अंडरग्राउंड केबल सुरक्षित तरीके से जमीन के नीचे बिछाई गई हैं, इसलिए मौसम का असर उन पर बहुत कम पड़ता है. गांव के लोग अब बिना रुकावट बिजली का इस्तेमाल कर पा रहे हैं.

मान सरकार ने इस प्रोजेक्ट को सतौज गांव से पायलट के रूप में शुरू किया. यहां की सफलता को देखते हुए इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने की योजना है. मुख्यमंत्री ने पहले ही कहा था कि किसानों की सुविधा और बिजली की नियमित सप्लाई उनकी प्राथमिकता है. अब इस वादे को जमीन पर उतारकर सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता साबित की है.

यह प्रोजेक्ट सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं रहना चाहिए. पूरे देश के लिए यह एक मिसाल बन सकता है. कई राज्यों में अभी भी खेतों में खंभे लगे हुए हैं और मौसम की मार से बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है. सतौज मॉडल को अपनाकर अन्य जगहों पर भी किसानों को राहत दी जा सकती है.

गांव के निवासियों में इस बदलाव को लेकर खुशी का माहौल है. वे बताते हैं कि अब खेत साफ दिखते हैं और बिजली की समस्या कम हुई है. प्रशासन भी इस परियोजना की नियमित निगरानी कर रहा है ताकि सिस्टम सुचारू रूप से चले. कुल मिलाकर अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई का यह पायलट प्रोजेक्ट पंजाब के विकास की दिशा में सकारात्मक कदम है. यह किसानों को सहूलियत देने के साथ-साथ आम जनता को विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने का माध्यम बन रहा है.