चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं. पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने रविवार को नौ सदस्यीय घोषणा पत्र समिति का गठन किया. समिति की जिम्मेदारी केवल घोषणा पत्र तैयार करने तक सीमित नहीं होगी. इसके सदस्य पंजाब के अलग-अलग इलाकों में जाकर किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, युवाओं, महिलाओं और कर्मचारियों से बातचीत करेंगे. पार्टी का कहना है कि इन वर्गों से मिलने वाले सुझावों को आगामी विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में जगह दी जाएगी.
वरिष्ठ अकाली नेता बलविंदर सिंह भुंडड़ को समिति का चेयरमैन बनाया गया है. डा. दलजीत सिंह चीमा सदस्य सचिव होंगे. गुलजार सिंह रानिके, हीरा सिंह गाबड़िया, महेश इंदर सिंह ग्रेवाल, बिक्रम सिंह मजीठिया, सिकंदर सिंह मलूका, सोहन सिंह ठंडल और हरचरण सिंह बैंस समिति के सदस्य बनाए गए हैं.
अकाली दल के विभिन्न संगठनों के अध्यक्षों को विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर समिति में शामिल किया जाएगा. इनमें युवा, महिला, व्यापार एवं उद्योग, कानूनी, एसओआई, कर्मचारी, पूर्व सैनिक और अल्पसंख्यक विंग शामिल हैं. इससे अलग-अलग वर्गों से जुड़े मुद्दों को समिति के सामने रखने का रास्ता खुलेगा.
समिति पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा करेगी और लोगों से सीधे बातचीत करेगी. इस दौरान किसानों से लेकर कारोबारियों और युवाओं तक के सामने मौजूद समस्याओं को समझने की कोशिश होगी. पार्टी सरकार से लोगों की अपेक्षाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं पर भी राय लेगी. शिअद का कहना है कि जनता से मिलने वाले सुझाव घोषणा पत्र तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे.
शिअद का यह कदम ऐसे समय आया है जब पार्टी 2027 के चुनाव के लिए संगठन को सक्रिय करने में जुटी है. बिजली कटौती और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर अकाली दल सरकार पर हमला बोल रहा है. पार्टी इन विषयों को चुनावी अभियान में प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है.
बिजली कटौती के मुद्दे पर शिअद ने 16 सितंबर को विधानसभा हलका स्तर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. पार्टी की चुनावी गतिविधियों में इसे अहम कदम माना जा रहा है. घोषणा पत्र समिति के गठन और प्रस्तावित प्रदर्शनों के जरिए अकाली दल अब जमीनी स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.