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India Daily

पंजाब में बिजली संकट के बीच बड़ी राहत, राजपुरा की 700 MW यूनिट फिर शुरू; 16,601 MW पहुंची मांग

पंजाब में बिजली की रिकॉर्ड मांग के बीच राजपुरा थर्मल प्लांट की 700 मेगावाट क्षमता वाली बंद यूनिट फिर शुरू हो गई. रविवार को बिजली की मांग 16,601 मेगावाट तक पहुंच गई.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
पंजाब में बिजली संकट के बीच बड़ी राहत, राजपुरा की 700 MW यूनिट फिर शुरू; 16,601 MW पहुंची मांग
Courtesy: social media

पंजाब में बिजली की बढ़ती मांग के बीच रविवार को पावरकॉम को बड़ी राहत मिली. राजपुरा थर्मल प्लांट की 700 मेगावाट क्षमता वाली बंद यूनिट ने दोबारा बिजली उत्पादन शुरू कर दिया. हालांकि तलवंडी साबो की 660 मेगावाट वाली एक यूनिट अभी बंद है. इस बीच राज्य की अधिकतम मांग 16,601 मेगावाट दर्ज हुई.

राजपुरा की बंद यूनिट से मिली बड़ी राहत

बिजली की बढ़ती जरूरत के बीच राजपुरा थर्मल प्लांट की बंद यूनिट रविवार सुबह चालू हो गई. 700 मेगावाट क्षमता वाली इस यूनिट के शुरू होने से पावरकॉम को अतिरिक्त बिजली उपलब्ध हुई. दोनों राजपुरा यूनिट से कुल 1,328 मेगावाट बिजली मिल रही है. दूसरी ओर तलवंडी साबो थर्मल प्लांट की 660 मेगावाट क्षमता वाली एक यूनिट अभी बंद है, जिसे रविवार शाम तक शुरू किए जाने का अनुमान अधिकारियों ने जताया है.

16,601 मेगावाट तक पहुंची बिजली की मांग

रविवार दोपहर तक पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 16,601 मेगावाट से अधिक दर्ज की गई. इस मांग को पूरा करने के लिए पावरकॉम को अपने सभी स्रोतों से 5,032 मेगावाट बिजली मिली, जबकि केंद्रीय पूल से 11,509 मेगावाट बिजली लेनी पड़ी. राज्य के कई हिस्सों में दोपहर तक बारिश भी हुई, जिससे बिजली की मांग में कुछ कमी आने की उम्मीद जताई गई है.

दूसरे थर्मल प्लांट से भी मिल रही बिजली

पावरकॉम को रविवार को रोपड़ थर्मल प्लांट की चार यूनिटों से 482 मेगावाट और लहरा मोहब्बत प्लांट की चार यूनिटों से 800 मेगावाट बिजली मिली. गोइंदवाल साहब की दो यूनिटों से 496 मेगावाट बिजली हासिल हुई. तलवंडी साबो की तीन में से एक यूनिट बंद होने के बावजूद प्लांट से 1,166 मेगावाट बिजली मिली. इस उत्पादन से राज्य की बढ़ी हुई मांग को संभालने में मदद मिल रही है.

पिछले दो साल से काफी ज्यादा है मांग

13 सितंबर 2026 को पंजाब में बिजली की मांग पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक रही. इस दिन 16,601 मेगावाट की मांग दर्ज हुई, जबकि 2025 में इसी तारीख को यह आंकड़ा 13,208 मेगावाट था. वर्ष 2024 में 13 सितंबर को बिजली की मांग 13,835 मेगावाट रही थी. यानी मौजूदा साल में मांग पिछले साल के मुकाबले 2,200 मेगावाट से भी ज्यादा बढ़ी है. ऐसे में बंद यूनिटों का दोबारा शुरू होना पावरकॉम के लिए अहम राहत माना जा रहा है.