आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. गोवा में एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल ने इस घटनाक्रम को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पार्टी के साथ विश्वासघात करार दिया.
केजरीवाल ने पहली बार इस मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि इन नेताओं को जनता ने सीधे नहीं चुना था, बल्कि आप ने राज्यसभा भेजा था. उन्होंने कहा, "अब से किसी को भी राज्यसभा भेजने से पहले हम सौ बार जांच करेंगे कि वह व्यक्ति भरोसेमंद है या नहीं. उन्होंने पार्टी को धोखा दिया है, आप ने किसी को धोखा नहीं दिया."
उल्लेखनीय है कि राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी ने आप छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था. इन सात सांसदों का दलबदल दो-तिहाई से अधिक होने के कारण वे दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से बच गए, जिससे राज्यसभा में आप की संख्या घटकर केवल तीन रह गई.
केजरीवाल ने स्वीकार किया कि यह प्रकरण आप के लिए एक बड़ा सबक है. राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद उनके इस कदम के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन छह अन्य सांसदों के एक साथ जाने से संसद में आप की ताकत को बड़ा झटका लगा है.